“श्रीअंत” कहने पर भड़के सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री, कांग्रेस पर बोला हमला

ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

प्रदेश (madhypradesh) में उपचुनावों (by election) की घोषणा में भले ही अभी समय है लेकिन राजनीति पूरे उफान पर आने लगी है। नेताओं के बीच बयानयुद्ध तेज हो गया है। पिछले दिनों कांग्रेस द्वारा सिंधिया (scindia) को श्रीअंत कहे जाने पर सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री (Scindia’s pro-former minister) ने पलटवार किया है।

पूर्व मंत्री ने कांग्रेस के बयान को छोटी बात कहा है।ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस (Congress) छोड़कर भाजपा (BJP) में जाने के बाद खाली हुई 22 विधायकों की सीट और विधायकों के निधन के बाद खाली हुई दो सीटों के बाद प्रदेश में 24 सीटों पर उप चुनाव होना है। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए भाजपा ने पिछले दिनों 24 सीटों के लिए प्रभारी घोषित किये थे। प्रभारियों में सिंधिया समर्थक नेताओं को शामिल नहीं किये जाने के बाद कांग्रेस ने सिंधिया पर जुबानी हमला बोला था।

ये कहा था कांग्रेस प्रवक्ता मिश्रा

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं ग्वालियर चंबल संभाग (Senior Congress spokesperson and Gwalior Chambal division) की 16 विधानसभा सीटों (16 assembly seats) के मीडिया प्रभारी केके मिश्रा ने पिछले दिनों एक बयान में सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा था कि “श्रीमंत की रजिस्ट्री वाले ग्वालियर चंबल संभाग में ही उनका एक भी प्रभारी नहीं है, क्या भाजपा को उनपर भरोसा नहीं है? ” मिश्रा ने कहा कि अपमान करने सहने, स्वाभिमान को ललकारने की भी कोई सीमा होती हैं । लगता है भाजपा “श्रीमंत को ” श्रीअंत” करके ही छोड़ेगी.. फिर क्या BSP?

सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री ने दिया करारा जवाब

केके मिश्रा के “श्रीमंत” के “श्रीअंत” वाले बयान पर आपत्ति जताते हुए सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Former minister of pro-Scindia Pradyuman Singh Tomar) ने इसे छोटी बात कहा। उन्होंने कहा कि श्रीमंत सिंधिया (Shrimant Scindia) किसी परिचय के मोहताज नहीं है, वो एक विशाल व्यक्तित्व हैं। पूर्व मंत्री तोमर ने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि आज जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं वो कल तक श्रीमंत सिंधिया के नाम का सिंदूर भरे थे आज पद और कुर्सी की चाहत में वे सिंदूर मिटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सिंदूर छूट नहीं रहा। इसलिए मैं ऐसे लोगों को सलाह दूंगा कि वे ऐसी बातें बोले जिसे जनता हजम कर सके

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