मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी विभागों की कार्यशैली से परेशान हैं और उन्हें अपने घर का गुजारा कर पाना मुश्किल हो रहा है कारण उन्हें समय से से वेतन नहीं मिलता, ग्वालियर सीएमएचओ के अधीन कार्यरत आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को तो तीन महीने से वेतन नहीं मिला है जिसकी शिकायत राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की गई है।
मध्य प्रदेश संविदा आउट सोर्स कर्मचारी संघ ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को भेजे पत्र में शिकायत की है कि ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन अनुबंधित सनशाइन सिक्योरिटी एवं अन्य एजेंसियां सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दे रही हैं जिसके कारण कर्मचारियों के अपरिवर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
इन स्वास्थ्य केंद्रों के आउटसोर्स कर्मचारी परेशान
कर्मचारी संघ ने पत्र के साथ कई कर्मचारियों के नाम और उनकी पदस्थापना वाले स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी भी दी है इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलौआ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भितरवार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनगढ़, उप स्वास्थ्य केंद्र बीजकपुर, जनकगंज डिस्पेंसरी, सिविल अस्पताल हजीरा, माधवगंज डिस्पेंसरी, सिविल अस्पताल डबरा, उप स्वास्थ्य केंद्र जौरासी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुक्लहारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिछोर, उप स्वास्थ्य केंद्र सालबई, उप स्वास्थ्य केंद्र हथनौरा, उप स्वास्थ्य केंद्र सहोना, एनआरसी बरई, पोषण पुनर्वास केंद्र डबरा में पदस्थ कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
कर्मचारी संघ ने भूख हड़ताल की चेतावनी दी
कर्मचारी संघ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार निवेदन किया और वेतन जारी करने के अनुरोध किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला , कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं स्वास्थ्य मंत्री एवं उप मुखुमंत्री राजेंद्र शुक्ला से मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर वेतन दिलवाने के निर्दश दें वर्ना कर्मचारी भोपाल जाकर भूख हड़ताल, आमरण अनशन जैसे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।






