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आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को 3 माह से वेतन भुगतान नहीं, कर्मचारी संघ ने राज्यपाल से की शिकायत

Written by:Atul Saxena
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जिन आउट सोर्स कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है उनमें मल्टी स्किल्ड वर्कर, मल्टी स्किल्ड वर्कर ग्रुप डी, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सपोर्ट स्टाफ, सफाई कर्मी आदि शामिल हैं ।
आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को 3 माह से वेतन भुगतान नहीं, कर्मचारी संघ ने राज्यपाल से की शिकायत

Outsourced health workers

मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी विभागों की कार्यशैली से परेशान हैं और उन्हें अपने घर का गुजारा कर पाना मुश्किल हो रहा है कारण उन्हें समय से से वेतन नहीं मिलता, ग्वालियर सीएमएचओ  के अधीन कार्यरत आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को तो तीन महीने से वेतन नहीं मिला है जिसकी शिकायत राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की गई है।

मध्य प्रदेश संविदा आउट सोर्स कर्मचारी संघ ने  राज्यपाल मंगुभाई पटेल को भेजे पत्र में शिकायत की है कि ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन अनुबंधित सनशाइन सिक्योरिटी एवं अन्य एजेंसियां सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दे रही हैं जिसके कारण कर्मचारियों के अपरिवर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

इन स्वास्थ्य केंद्रों के आउटसोर्स कर्मचारी परेशान 

कर्मचारी संघ ने पत्र के साथ कई कर्मचारियों के नाम और उनकी पदस्थापना वाले स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी भी दी है इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलौआ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भितरवार,  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनगढ़, उप स्वास्थ्य केंद्र बीजकपुर, जनकगंज डिस्पेंसरी, सिविल अस्पताल हजीरा, माधवगंज डिस्पेंसरी, सिविल अस्पताल डबरा,  उप स्वास्थ्य केंद्र जौरासी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुक्लहारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिछोर, उप स्वास्थ्य केंद्र सालबई, उप स्वास्थ्य केंद्र हथनौरा, उप स्वास्थ्य केंद्र सहोना, एनआरसी बरई, पोषण पुनर्वास केंद्र डबरा में पदस्थ कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।

 कर्मचारी संघ ने भूख हड़ताल की चेतावनी दी 

कर्मचारी संघ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार निवेदन किया और वेतन जारी करने के अनुरोध किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला , कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं स्वास्थ्य मंत्री एवं उप मुखुमंत्री राजेंद्र शुक्ला से मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर वेतन दिलवाने के निर्दश दें वर्ना कर्मचारी भोपाल जाकर भूख हड़ताल, आमरण अनशन जैसे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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