जमीन का सीमांकन और नामांतरण करने के बदले पटवारी ने मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

पटवारी रेखा शाक्य ने मंशाराम को अपने किराये वाले घर बुलाया , उसने वहां जाकर रिश्वत की राशि 5000/- रुपये दी और टीम को इशारा दे दिया, टीम पटवारी के किराये के मकान में पहुंच गई और उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 
Gwalior Lokayukta police arrested female Patwari accepting bribe

Gwalior Lokayukta police arrested female Patwari accepting bribe

ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, वो एक किसान से उसकी बहन जमीन का सीमांकन करने और पत्नी के नाम जमीन का नामान्तरण करने के बदले 15000/- रुपये रिश्वत मांग रही थी, पुलिस ने उसे 5000/- रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

ग्वालियर लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक मुरार के ग्राम सिरसौद में रहने वाले मंशाराम ने एक शिकायती आवेदन उनके कार्यालय में दिया था, आवेदन में शिकायत की गई थी हल्का पटवारी  रेखा शाक्य उनकी जमीन के सीमांकन और नामांतरण करने के बदलेरिसह्व्त मांग रही हैं।

महिला पटवारी ने मांगी 15000/- रुपये रिश्वत  

शिकायतकर्ता मंशाराम ने बताया कि ग्राम गूंधारा में उनकी बहन गूड्डी की जमीन है जिसका सीमांकन कराने और पत्नी सावित्रीबाई की जमीन के नामांतरण के लिए उसने तहसील तानसेन में आवेदन किया था। लेकिन वहां पदस्थ हल्का पटवारी रेखा शाक्य 15000/- रुपये इस काम के लिए पटवारी हल्का पटवारी श्रीमति रेखा शाक्य 15000/– रुपए की मांग कर रही है।

शिकायत सत्यापन में पटवारी ने लिए 3500/- रुपये  

आवेदन मिलने के बाद इसका सत्यापन कराया गया, सत्यापन के दौरान ही पटवारी रेखा शाक्य ने किसान मंशाराम से 3500/- रुपये ले लिए थे, रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ट्रैप दल गठित किया और आज फरियादी को पटवारी के पास रिश्वत की राशि लेकर भेजा।

रिश्वत की राशि हाथ में आते ही पटवारी गिरफ्तार 

पटवारी रेखा शाक्य ने मंशाराम को अपने किराये वाले घर बुलाया , उसने वहां जाकर रिश्वत की राशि 5000/- रुपये दी और टीम को इशारा दे दिया, टीम पटवारी के किराये के मकान में पहुंच गई और उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।  टीम ने रिश्वत की राशि भी पटवारी से बरामद कर ली और उसे गिरफ्तार कर लिया, लोकायुक्त ने पटवारी के खिअल्फ़ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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