100 रुपये का सिक्का जारी कर बोले PM “आत्म निर्भर भारत के माध्यम से साकार करेंगे राजमाता का सपना”

100 रुपये का सिक्का जारी कर बोले PM “आत्म निर्भर भारत के माध्यम से साकार करेंगे राजमाता का सपना”

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संस्थापक, वरिष्ठ नेत्री राजमाता विजया राजे सिंधिया (vijaya raje scindia) की जन्मशताब्दी वर्ष के समापन मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में राजमाता की याद को चिरस्थाई बनाने के लिए 100 रुपये का सिक्का (Coin) जारी किया। इस मौके पर ग्वालियर (Gwalior) में भी एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्वालियर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा किये गए सिक्का अनावरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj SIngh Chauhan) सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

दिल्ली में वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर आयोजित सिक्का अनावरण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजमाता जी नारी सशक्तिकरण के लिये लगातार प्रयासरत रहीं । आज देश की महिलाएं भारत की सेना में शामिल होकर देश की सेवा कर रही हैं। तीन तलाक का कानून राजमाता के उसी संघर्ष की परिणिती है । उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए जो संघर्ष किया उसकी परिणिती हम धारा 370 की समाप्ति के रूप में देख रहे हैं। राम जन्मभूमि के लिए उनका संघर्ष भी उनके जन्म शताब्दी वर्ष में पूरा हो गया है। सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत उनका सपना था और उनके इस सपने को हम “आत्म निर्भर भारत” के माध्यम से साकार करेंगे।

भाजपा का जो आज वटवृक्ष है उसके स्वरूप को बनाने में राजमाता का अतुलनीय योगदान था: सीएम शिवराज
इस अवसर पर ग्वालियर के बंधन गार्डन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि श्रद्धेय राजमाता साहब सेवा का पर्याय थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष का भी प्रतीक थी। जब 1967-68 में कांग्रेस की अहंकारी सरकार ने जनता को कुचलना शुरू किया तो उन्होंने तत्कालीन सरकार की अन्याय की लंका को जलाकर राख कर दिया और वो सरकार गिरा दी। 1973 में मैं बहुत छोटा था मेरा गाँव नर्मदा जी के किनारे था तब वहाँ भयानक बाढ़ आई थी। तब भी वहाँ ना मुख्यमंत्री पहुंचे ना मंत्री राजमाता जी अनाज, कंबल, कपड़े, बर्तन लेकर सबसे पहले पहुंचीं थी। वे लाखों कार्यकर्ताओं के दिल में बसती थी एक विशाल परिवार था उनका पर प्रभाव इतना कि भाजपा का आज जो स्वरूप है वटवृक्ष का उसको बनाने में उनका अतुलनीय योगदान था। सीएम ने कहा कि मुझे याद है 1971 में जब देश में इंदिरा गांधी की लहर थी तब राजमाता साहब और माधव राव सिंधिया जनसंघ में थे तब उन्होंने मध्य भारत की 11 में से सभी 11 सीटें जीतकर जनसंघ की झोली में डाली थी। प्रधानमंत्री ने 100रुपये का जो सिक्का राजमाता की याद को चिर स्थाई बनाने के लिए जारी किया है उसके लिए मध्यप्रदेश की जनता की तरफ से मैं उनको हृदय से धन्यवाद देता हूँ।

इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद विवेक शेजवलकर, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी, राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय विश्नोई, पूर्व माया एवं कार्यक्रम संयोजिका माया सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews