Special : पहले सिंधिया ने किया योग और फिर फादर्स डे पर पिता को किया ऐसे याद

Special : पहले सिंधिया ने किया योग और फिर फादर्स डे पर पिता को किया ऐसे याद

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

कोरोना काल  (corona crisis) में इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पर देश में कोई भी आयोजन नहीं हुए। सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के नियम का पालन करते हुए लोगों में घर पर बैठकर योग किया । इसमें राजनेताओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की। इसके साथ ही fathers day भी इसी दिन होने से राजनेताओं ने अपने पिता जो याद कर तस्वीरें साझा की।

मध्यप्रदेश से भाजपा के टिकट पर राज्यसभा गए ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने रविवार को सुबह अपने दिल्ली स्थित आवास पर योग किया। उन्होंने देश प्रदेश के लोगों को ट्वीट कर बधाई देते हुए लिखा “योगः कर्मसु कौशलम्”
#internationalyogaday । इसके साथ ही सिंधिया ने fathers day के मौके पर अपने पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय माधव राव सिंधिया को याद करते हुए ट्वीट किया “आपका आदर्श जीवन और आपके द्वारा स्थापित उच्च नैतिक मापदंड जीवन में सदैव जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। जरूरतमंद लोगों की मदद कर एक जनसेवक के रूप में अपने कर्तव्य को निभाने का प्रयास करता हूँ, करता रहूँगा। यही आपको मेरी श्रद्धांजलि होगी”#fathersday

केंद्रीय मंत्री तोमर, पूर्व मंत्री पवैया, माया सिंह ने भी किया योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ओन दिल्ली स्थित आवास पर योग किया। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट जयभान सिंह पवैया और पूर्व कैबिनेट मंत्री माया सिंह ने ग्वालियर स्थित अपने अपने आवासों पर योग किया और देश प्रदेश के लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी।

उधर ग्वालियर के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपने घर पर योग किया और तस्वीरें साझा की। संभाग आयुक्त एमबी ओझा, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, एसपी नवनीत भसीन सहित नगर निगम और अन्य शासकीय विभागों में कार्यरत अधिकारियों ने घर में रहकर योग किया।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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