साइबर ठगी से जुड़े डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर को बड़ी सफलता मिली है, पुलिस ने बिहार की राजधानी पटना से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, आरोपी ने फरियादी को भय दिखाकर को अलग अलग बैंक एकाउंट में 30 लाख 25 हज़ार 719 रुपये ट्रांसफर कराकर धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपी को 3 दिन के रिमांड पर लिया है उससे खातों और रकम के सम्बन्ध में पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी बहुत शातिर है उसने जो राशि ट्रांसफर कराई वो मध्य प्रदेश सहित सात राज्य के लोगों के खातों में ट्रांसफर कराई, राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर की पुलिस ने बिहार में 7 दिन रहकर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी लॉ इनफार्मेशन एजेंसी के नोटिस बनाने में माहिर है वो एआई के माध्यम से फर्जी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के नोटिस जारी करता था फिर लोगों को शिकार बनाता था।
दो साल की कड़ी मेहनत के बाद आरोपी सलाखों के पीछे
पुलिस ने बताया कि शिवपुरी लिंक रोड पर रहने वाले हर्षित द्विवेदी नामक फरियादी ने जून 2024 को एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें उसने बताया था कि उसे एक अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पुलिस अधिकारी बन डिजिटल अरेस्ट कर उसके साथ 30 लाख 25 हजार 719 रुपये की ठगी की है, फोन करने वालों ने फ़ेडेक्स कंपनी का कर्मचारी बनकर पार्सल में ड्रग्स होने की बात कही फिर NCB अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए, शिकायती आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और आरोपी तक पहुंच गई।
कई राज्यों के लोगों के साथ ठगी करने का हुआ खुलासा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जानकारी में सामने आया कि शातिर आरोपी ने मध्य प्रदेश सहित 7 अलग अलग राज्यों के लोगों से भी अपने खाते में राशि ट्रांसफर कराई, कमर्शियल बैंक में आरोपी का खाता सामने आया है, पुख्ता सबूत हाथ में आने के बाद राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर की टीम बिहार पहुंची और सात दिन रुकने के बाद राजधानी पटना से आरोपी दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया , पुलिस उससे कड़ी पूछताछ कर रही है।






