ईरान इजरायल अमेरिका के बीच जारी युद्ध के चलते LPG की किल्लत बढ़ रही है, इस बीच CCPA यानि सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने कुछ शिकायतों और सोशल मीडिया पर वायरल सूचनाओं के आधार पर एक आदेश जारी किया है, CCPA ने होटलों और रेस्टोरेंट को चेतावनी देते हुए कहा कि वे ग्राहक के बिल में ‘LPG चार्ज’ और ‘ईंधन लागत वसूली’ जैसे अतिरिक्त शुल्क नहीं लगा सकते। CCPA ने कहा इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारत के कई शहरों में LPG की किल्लत की ख़बरें आ रही हैं जिसके चलते गैस सिलेंडर की कालाबाजारी यानि गैस सिलेंडर महँगी कीमतों पर बेचने की ख़बरें भी आ रही हैं, इन ख़बरों के बीच होटल रेस्टोरेंट आदि द्वारा ग्राहकों से LPG चार्ज के नाम से वसूली की ख़बरें भी सामने आ रही हैं जिसके खिलाफ अब चेतावनी जारी की गई है ।
CCPA ने जारी की चेतावनी
CCPA ने होटल और रेस्टोरेंट द्वारा कंज्यूमर बिल में LPG क्राइसिस चार्ज, गैस सरचार्ज, फ्यूल कॉस्ट रिकवरी जैसे एक्स्ट्रा चार्ज लगाने को गंभीरता से लिया है। अथॉरिटी ने कहा है कि ग्राहकों से LPG चार्ज वसूलना कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत एक अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस है और कहा कि मेन्यू में बताई गई कीमत में सिर्फ लागू टैक्स ही जोड़े जा सकते हैं, अतिरिक्त कोई भी शुल्क वसूलना नियम विरुद्ध है।
कैफे ने बिल में लगाया 5% गैस क्राइसिस चार्ज
सोशल मीडिया पर बेंगलुरु के एक कैफ़े का बिल वायरल हो रहा है जिसमें ग्राहक ने मिंट लेमोनेड आर्डर किया है उस बिल पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज लगा दिखाई दे रहा है ये बिल Theo Cafe का है, वायरल बिल के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए, जिनकी कीमत 179 प्रति गिलास थी, कैफे ने 358 रुपए का बिल बनाया जिसमें 17.90 (5%) की छूट दी और उसके बाद 5% गैस क्राइसिस चार्ज जोड़ दिया इसके अलावा CGST 2.5 % और SGST 2.5% भी जोड़ दिया यानि कुल बिल 374 रुपये का हो गया।
यहाँ कर सकते हैं शिकायत
यदि किसी ग्राहक के बिल में कोई होटल या रेस्टोरेंट इस चेतावनी के बाद भी LPG क्राइसिस चार्ज, गैस सरचार्ज, फ्यूल कॉस्ट रिकवरी जैसे एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ता है तो उसकी शिकायत यहाँ की जा सकती है।
- नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के नंबर 1915 पर कॉल करके शिकायत दर्ज की जा सकती है।
- NCH ऐप के जरिए भी शिकायत की जा सकती हैं।
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए e-Jagriti पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- ग्राहक अपने जिले के कलेक्टर या CCPA को लिखित शिकायत भी दे सकते हैं।






