हरियाणा बोर्ड में नकल के मामलों को लेकर आज बड़ा दिन है। दरअसल भिवानी मुख्यालय में 441 छात्रों की व्यक्तिगत सुनवाई हो रही है। बता दें कि इन छात्रों पर परीक्षा के दौरान गड़बड़ी करने का आरोप है। अब बोर्ड उनके खिलाफ कार्रवाई तय करेगा। वहीं इस साल 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 441 नकल के मामले सामने आए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 74 केस नूंह जिले से आए।
वहीं इसके बाद पलवल, सोनीपत, पानीपत और रोहतक जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में गड़बड़ी पकड़ी गई। बोर्ड ने सभी छात्रों को नोटिस भेजकर सुनवाई के लिए बुलाया है, जिसके बाद उनका रिजल्ट और भविष्य तय होगा।
फर्जी परीक्षार्थियों का खुलासा
दरअसल इस बार सिर्फ नकल ही नहीं बल्कि फर्जी उम्मीदवारों के भी कई मामले सामने आए हैं। बता दें कि नूंह में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया जहां बड़ा भाई अपने छोटे भाई की जगह परीक्षा देता पकड़ा गया था। उसने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर परीक्षा केंद्र में एंट्री ली थी। वहीं गुरुग्राम और नूंह के अन्य केंद्रों पर भी इम्पर्सनेशन के केस सामने आए जहां दूसरे लोग असली परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। ऐसे मामलों ने बोर्ड की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि इस बार जांच काफी सख्त थी तभी इतने केस पकड़े जा सके।
छात्रों पर इसका क्या होगा असर?
दरअसल हरियाणा बोर्ड ने साफ कर दिया है कि नकल के मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। कार्रवाई के तीन स्तर तय किए गए हैं जिसमें सबसे पहले छात्र की परीक्षा रद्द की जा सकती है। अगर किसी स्कूल स्टाफ की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं निजी स्कूलों पर जुर्माना या परीक्षा केंद्र से डिबार करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। इससे साफ है कि बोर्ड इस बार सख्त संदेश देना चाहता है ताकि भविष्य में नकल की घटनाएं कम हों।
जानकारी के मुताबिक करीब 5.7 लाख छात्रों ने इस साल परीक्षा दी थी ऐसे में 441 मामलों की संख्या भले कम लगे लेकिन यह छात्रों के भविष्य के लिए बड़ा मुद्दा बन सकता है। खासकर वे छात्र जो सामूहिक नकल में शामिल पाए गए हैं, उनके लिए सजा और भी कड़ी हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार करीब 144 मामले अभी भी जांच में हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।






