हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति (Promotion) में आरक्षण के नियमों में संशोधन किया है। 20 अप्रैल 2026 को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व’ के फॉर्मूले को नए सिरे से परिभाषित किया गया है।
इसके तहत जिन विभागों में एससी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व 20 प्रतिशत से कम है तो पदोन्नति कोटे के रिक्त पदों पर सबसे पहले फीडर पद पर कार्यरत पात्र अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक प्रतिनिधित्व में कमी पूरी नहीं हो जाती। यदि विभाग में SC वर्ग का प्रतिनिधित्व पहले से ही 20% या उससे अधिक है, तो पदोन्नति सामान्य सेवा नियमों के अनुसार होगी। आसान शब्दों में कहें तो पदोन्नति के लिए विशेष प्राथमिकता के बजाय सामान्य वरिष्ठता को आधार बनाया जाएगा।
आदेश के मुताबिक, अब पदोन्नति काडर में अनुसूचित जाति के 20% प्रतिनिधित्व की गणना करते समय उन सभी कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा जो आरक्षण का लाभ लेकर पदोन्नत हुए हैं या बिना आरक्षण के केवल अपनी ‘वरिष्ठता-सह-योग्यता’ (Seniority-cum-Merit) के आधार पर पदोन्नत हुए हैं । बता दें कि मेरिट के आधार पर प्रमोट होने वाले एससी कर्मचारियों को इस गिनती से बाहर रखा जाता था, लेकिन अब उन्हें भी 20% के कोटे में ही गिना जाएगा।
इसके पूरे बदलाव के पीछे राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य उच्च पदों पर SC वर्ग का वास्तविक प्रतिनिधित्व सही आंकड़ों में बना रहे यह सुनिश्चित करना है । नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और सभी बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को इनका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।







