चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने IDFC फर्स्ट बैंक में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा, जिसके बाद सदन में तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
विधानसभा में बोलते हुए भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और सरकार को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि इस मामले में जिम्मेदार कौन है और सरकार अब तक क्या कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दिया जवाब
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विभिन्न बैंकों में पैसा रखती है और जिस बैंक में यह मामला सामने आया है, वहां चार सरकारी विभागों के खाते थे।
सीएम सैनी ने कहा, “जैसे ही यह मामला हमारे संज्ञान में आया, सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बैंक से सारा पैसा निकालकर एक राष्ट्रीयकृत बैंक में ट्रांसफर कर दिया। सरकार का एक-एक पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।”
‘एक-एक पैसा वापस आएगा, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे’
मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी जानकारी दी कि IDFC फर्स्ट बैंक ने खुद SEBI को पत्र लिखकर स्वीकार किया है कि उनके कर्मचारियों ने गड़बड़ी की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।
“बैंक में 450 FD बनी हुई थीं, एक-एक पैसा इसमें वापस आएगा। इस मामले में चाहे कोई अधिकारी हो या बैंक का अधिकारी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”- नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
सीएम के जवाब के बाद भी नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि सरकार को पता है कि कसूरवार कौन है, इसलिए जांच में देरी करने के बजाय तुरंत एक्शन लेना चाहिए। इस पर सीएम सैनी ने कहा कि जांच में कुछ समय लगता है, लेकिन किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस कर रही जांच
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सरकार को लगभग 4-5 दिन पहले ही इस गड़बड़ी की जानकारी मिल गई थी और तत्काल जांच शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई है। इसके अलावा, मामले की जानकारी SEBI को भी दी गई है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं होगा।






