हरियाणा के फतेहाबाद जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब राहुल गांधी के पुतले का दहन करने पहुंचे भाजपा नेताओं पर अचानक हंगामा खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि भाजपा विधायक और जिला अध्यक्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उसी दौरान कुछ लोगों ने अचानक हमला करने की कोशिश की। गनीमत रही कि दोनों नेता बाल-बाल बच गए। दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इस बयान से भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक काफी नाराज हो गए।
फतेहाबाद में भाजपा नेताओं ने विरोध जताने के लिए कांग्रेस सांसद का पुतला जलाने का निर्णय लिया। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और विवाद खड़ा हो गया। सूत्रों के अनुसार, पुतला दहन कार्यक्रम शुरू होते ही कुछ लोग वहां आ धमके और भाजपा नेताओं का घेराव करने लगे। विवाद इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान कई कार्यकर्ता घायल भी हुए, हालांकि गंभीर चोट की कोई खबर नहीं है।
भाजपा नेताओं का बयान
हमले से बाल-बाल बचे विधायक ने कहा कि राहुल गांधी के बयान से हर भाजपा कार्यकर्ता आहत है। प्रधानमंत्री देश के करोड़ों लोगों के लिए सम्मान का प्रतीक हैं और उनकी मां के बारे में अपमानजनक शब्द कहना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। जिला अध्यक्ष ने भी कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोधियों का इस तरह हमला करना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले पर पलटवार किया है। उनका कहना है कि भाजपा नेताओं ने अनावश्यक रूप से बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया और जनता को गुमराह करने की कोशिश की है। कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीति में नफरत फैलाने का आरोप लगाया है।
पुलिस की भूमिका
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही स्थिति बिगड़ी, बल को मौके पर भेजा गया। दोनों पक्षों को शांत कराया गया और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल का हो। इस घटना के बाद हरियाणा की सियासत और गर्म हो गई है। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक स्टंट बता रही है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं।
स्थानियों की राय
स्थानीय लोगों का कहना है कि नेताओं को एक-दूसरे की आलोचना तो करनी चाहिए लेकिन निजी स्तर पर परिवार को लेकर टिप्पणी करना ठीक नहीं है। वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों का मानना है कि राजनीतिक पार्टियों को ऐसे मुद्दों पर उग्र प्रदर्शन नहीं करना चाहिए जिससे शांति व्यवस्था बिगड़े। फिलहाल पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस मामले को अपने-अपने तरीके से भुना रही हैं। देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में यह विवाद कितना गहराता है और इसका असर प्रदेश की राजनीति पर कितना पड़ता है।





