हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में श्री माता मनसा देवी मंदिर जाकर देश और प्रदेश की खुशहाली की दुआ मांगी। इसके बाद उन्होंने बाढ़ से प्रभावित पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री भेजी। मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर गाड़ियों को रवाना किया। इस मौके पर कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुश्किल समय में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और पूरी मदद करेगी।
सीएम सैनी ने मंदिर में की पूजा-अर्चना
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को पंचकूला पहुंचे। उन्होंने पंचकूला के श्री माता मनसा देवी मंदिर में जाकर माता के दर्शन किए। उन्होंने पूजा कर देश और प्रदेश की समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। मंदिर में उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात भी की और उन्हें देश की तरक्की के लिए प्रार्थना करने का संदेश दिया।
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राहत सामग्री के लिए दिखाई हरी झंडी
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भाजपा प्रदेश कार्यालय पंच कमल, पंचकूला पहुंचे। वहां से उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री रवाना की। उन्होंने 15 ट्रकों को पंजाब और 10 ट्रकों को हिमाचल प्रदेश के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये ट्रक बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए जरूरी सामग्री लेकर जा रहे हैं।
नेताओं की उपस्थिति
इस मौके पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष राजीव बिंदल भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए सरकार की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में मदद करना हमारा फर्ज है और सरकार पूरी ताकत से पीड़ितों के साथ खड़ी है।
मदद और सहयोग का संदेश
सीएम सैनी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने सभी से अपील की कि संकट में जरूरतमंदों की मदद करें। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री भेजने से लोगों तक मदद जल्दी पहुंचेगी और उनकी परेशानियां कम होंगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार हर संभव मदद करेगी।
सेवा का संकल्प
इस कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने कहा कि संकट की घड़ी में मदद और सहयोग सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समय पर और सही जगह तक पहुंचाई जाए। इससे प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी और वे जल्द सामान्य जीवन में लौट सकेंगे। इस पहल से मानवता की सेवा का संदेश भी गया।