गुरुग्राम के सेक्टर-78 और सेक्टर-80 के बीच की मुख्य सड़क को चौड़ा करने और नया रूप देने की तैयारी जोरों पर है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) इस सड़क को वर्तमान तीन लेन से बढ़ाकर छह लेन का करने जा रहा है। इस परियोजना से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। हर दिन लगभग 40 से 50 हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जो तावडू, नौरंगपुर होते हुए दिल्ली-जयपुर हाईवे तक पहुंचते हैं। ऐसे में इस सड़क की चौड़ाई बढ़ाना यातायात प्रबंधन के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
42 करोड़ की लागत
GMDA ने इस सड़क परियोजना के लिए अनुमानित लागत 42 करोड़ रुपये तय की है। सड़क की कुल लंबाई 2300 मीटर और प्रस्तावित चौड़ाई करीब 84 मीटर होगी। इस सड़क में मुख्य मार्ग के लिए तीन-तीन लेन होंगी, साथ ही दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी। फुटपाथ और हरियाली के लिए भी जगह छोड़ी जाएगी। GMDA की प्रवक्ता नेहा शर्मा के अनुसार, प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, और अगले सप्ताह से इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। टेंडर जारी होने के बाद विभिन्न निर्माण कंपनियों के प्रस्तावों की जांच की जाएगी, और योग्य कंपनी को काम सौंपा जाएगा। इसके बाद ही निर्माण कार्य को शुरू किया जाएगा।
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अतिक्रमण बना रहा है बड़ी बाधा
वर्तमान में यह सड़क तीन लेन की है, लेकिन रास्ते में जगह-जगह अतिक्रमण होने के कारण ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। GMDA ने संकेत दिए हैं कि सड़क निर्माण से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि काम सुचारु रूप से हो सके। प्रशासन की योजना है कि अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क को 44 मीटर में मुख्य निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें सिक्स लेन की रोड, दो सर्विस रोड और फुटपाथ शामिल होंगे। शेष 40 मीटर क्षेत्र में नाले और हरियाली के लिए ग्रीन बेल्ट का निर्माण किया जाएगा।
ग्रीन बेल्ट का भी होगा निर्माण
गुरुग्राम में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या आम है। इस सड़क परियोजना में बारिश के पानी की निकासी को ध्यान में रखते हुए नाले का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अलावा सड़क के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि सड़क के दोनों ओर हरियाली का भी एहसास होगा। GMDA का मानना है कि हरियाली बढ़ने से धूल और प्रदूषण की समस्या कम होगी और राहगीरों को बेहतर अनुभव मिलेगा। फुटपाथ के निर्माण से पैदल यात्रियों को सुरक्षित मार्ग मिलेगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी घटेंगी।