देश में एलपीजी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के लोगों को राहत भरी खबर दी है। मुख्यमंत्री सैनी ने साफ किया कि हरियाणा में पेट्रोलियम उत्पादों, जैसे पेट्रोल, डीजल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार की ओर से हाल में उठाए गए कदमों के बाद इन सभी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर रहेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला ‘राष्ट्र-प्रथम’ की उसकी सोच और जन कल्याण के प्रति उसकी गहरी प्रतिबद्धता को साफ दर्शाता है। यह कदम सीधे तौर पर देश की जनता को आर्थिक बोझ से बचाने और स्थिरता बनाए रखने की केंद्र की मंशा का प्रमाण है।
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हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की नहीं होगी कमी- सीएम सैनी
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में इस समय 4032 सरकारी पेट्रोल पंप पूरी तरह से चालू हालत में हैं। इन पेट्रोल पंपों पर रोजाना औसतन 4804 किलोलीटर पेट्रोल और 12003 किलोलीटर डीजल की बिक्री होती है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई चेन बेहद मजबूत बनी हुई है। इसका मतलब है कि पूरे हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की निर्बाध उपलब्धता बनी रहेगी, और कहीं भी इनकी कमी नहीं होगी, जिससे सामान्य जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी।
हरियाणा में एलपीजी की स्थिति
लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की उपलब्धता पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि राज्य में रोजाना लगभग 2 लाख एलपीजी सिलेंडर आ रहे हैं। इनमें से लगभग 1.9 लाख सिलेंडर हर दिन उपभोक्ताओं को वितरित कर दिए जाते हैं, जो वितरण प्रणाली की कुशलता को दर्शाता है। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में एलपीजी की मांग और आपूर्ति के बीच एक अच्छा संतुलन बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में किसी तरह की कोई रुकावट नहीं आई है। वर्तमान में, राज्य में कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक लगभग 1.73 लाख है, जो भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि रेस्टोरेंट, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं कि अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी संस्थानों जैसी आवश्यक जगहों पर गैस की सप्लाई में किसी भी तरह की कोई कमी न आए। इन महत्वपूर्ण संस्थानों को प्राथमिकता पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है ताकि उनकी सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रह सकें। इसके अलावा, पारदर्शिता और उपलब्धता बनाए रखने के लिए, कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखने और उन्हें रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं, ताकि कोई भी गलत तरीके से मुनाफाखोरी न कर सके।
नीतिगत सुधारों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने केंद्र सरकार के कई फैसलों की सराहना की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के लिए 70 फीसद आवंटन का एक नया ढांचा पेश किया है। यह कदम व्यावसायिक क्षेत्र में एलपीजी की उपलब्धता को मजबूत करेगा। इसके साथ ही, आयात पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से, घरेलू एलपीजी का उत्पादन 40 फीसद तक बढ़ाया गया है। यह फैसला देश में एलपीजी की समग्र आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा और वैश्विक बाजार की अस्थिरता से होने वाले प्रभावों को कम करने में मदद करेगा।