हरियाणा के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने फरीदाबाद में रामायण और मौजूदा धार्मिक कथाओं को लेकर बड़ा विवादित बयान दिया है। दरअसल रविवार को दिए एक बयान में उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताएं और कथाएं लोगों को मानसिक रूप से गुलाम बना रही हैं और कथावाचक लाखों रुपए कमाकर कथा बोलते हैं। वहीं सैनी ने रामायण को काल्पनिक बताया और कहा कि असली रामायण वह है जिसे पेरियार ई.वी. रामासामी ने प्रचारित किया था।
दरअसल कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी यहीं नहीं रुके। उन्होंने मौजूदा धार्मिक कथाओं और संत-महात्माओं पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सब लोगों को ‘मानसिक रूप से गुलाम’ बनाए रखने का माध्यम बन गए हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि 10-10 सिरों वाले व्यक्ति को रावण बनाकर दिखाया गया है, जबकि ऐसा कोई व्यक्ति था ही नहीं। सैनी के मुताबिक, ये सब केवल कहानियां हैं, जिनसे लोगों को असल मुद्दों से भटकाया जाता है।
वहीं राजकुमार सैनी फरीदाबाद के होटल मैगपाई पहुंचे थे। यहां उनको सैनी समाज के लोग 4 अप्रैल को फरीदाबाद में मनाए जाने वाले अशोक सम्राट पर आधारित कार्यक्रम का न्योता देने आए थे। न्योता स्वीकार करते हुए सैनी ने अपनी बात रखी। दरअसल सैनी ने अपने समाज के लोगों से कहा कि आज जब लोग सम्राट अशोक, गौतम बुद्ध, ज्योतिबा फुले और भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों को पढ़ेंगे, तभी उन्हें अपने अधिकारों की समझ आएगी। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समाज के लोगों को काल्पनिक कहानियों में उलझाकर रखा गया है, जिससे उन्हें अपने हक नहीं मिल पा रहे हैं। सैनी के अनुसार, केंद्र और राज्य दोनों जगह पर नौकरियों को लेकर भेदभाव किया जा रहा है।
रामायण को काल्पनिक बताया
दरअसल उन्होंने अपनी रामायण वाली टिप्पणी को विस्तार देते हुए कहा कि इसे काल्पनिक रूप में पेश किया गया है, जबकि असली रामायण का दावा ललई सिंह यादव द्वारा लिखी गई पुस्तक में किया गया है, जिसे पेरियार ई.वी. रामासामी ने प्रचारित किया था। सैनी ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 1976 को इस विषय में फैसला भी दिया था। हालांकि, उन्होंने इस फैसले का विवरण नहीं दिया। वहीं पूर्व सांसद ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि छोटे देश भी वैश्विक ताकतों को चुनौती दे सकते हैं। आज ईरान ने सभी देशों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिका को सोचना होगा कि कोई देश उसका गुलाम नहीं है। सैनी ने भारत सरकार पर भी निशाना साधा, कहा कि सरकार इस युद्ध के कारण बढ़ती गैस की किल्लत को कम नहीं कर पा रही है और कुछ नहीं कर रही है।
जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़ी पुरानी बातें
जानकारी दे दें कि राजकुमार सैनी पहले भी विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। दरअसल वर्ष 2015-16 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उन्होंने कई विवादास्पद बयान दिए थे। आंदोलन के बीच राजकुमार सैनी ने कहा था, “यदि सरकार दबाव में आकर जाटों को रिजर्वेशन देती है तो बीजेपी का कांग्रेस से भी बुरा हाल होगा।” उन्होंने रेलवे ट्रैक और सड़क जाम करने वाले नेताओं को भी आड़े हाथों लिया था। वहीं सैनी ने कहा था कि ऐसे नेताओं को शर्म आनी चाहिए और सरकार को ऐसे लोगों पर मुकदमे दर्ज करने चाहिए ताकि उन्हें सबक मिले। उन्होंने जोर देकर कहा था कि जोर दिखाकर सरकार को झुकाया नहीं जा सकता।
दरअसल उनके इस बयान से जाट नेता भड़क गए थे और प्रदर्शनकारियों ने सैनी के घर पर हमला कर दिया था। उस समय वह भाजपा में थे और पार्टी ने उनके बयान के लिए कारण बताओ नोटिस तक जारी किया था। यह घटना सैनी के राजनीतिक करियर में एक बड़ा विवाद बन गई थी।






