हरियाणा सरकार ने वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीतियों और अन्य समान नीतियों के तहत नियमित हुए कर्मचारियों का ब्योरा मांगा है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा संबंधित विभागों, कार्यालयों और संगठनों को निर्देश दिए गए हैं, जिसमें वर्ष 2014 की विभिन्न नियमितीकरण नीतियों के तहत पक्के किए गए ग्रुप-बी, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों का ब्यौरा देने को कहा है।
15 अक्टूबर को जारी पत्र के तहत उन सभी योग्य कर्मचारियों की जानकारी मांगी है जिनकी सेवाएं 16 जून, 18 जून और 7 जुलाई 2014 और अन्य समान नीतियों (समय-समय पर किए गए संशोधनों सहित) के तहत नियमित की गई थीं। सभी संबंधित विभागों, कार्यालयों और संगठनों को यह मांगी गई जानकारी पत्र जारी होने के 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।
सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रोफार्मा भरकर आधिकारिक ईमेल आईडी generalservices0001@gmail.com पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दी जाने वाली जानकारी पूरी तरह से सत्यापित और सटीक होनी चाहिए क्योंकि इसका उपयोग आधिकारिक उद्देश्यों और आगे की संकलन प्रक्रियाओं के लिए किया जाएगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा सरकार ने यह कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के कार्यकाल की 16 व 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीतियों को वैध और 7 जुलाई 2014 की नीति को असंवैधानिक करार दिया है। संबंधित प्रशासनिक विभागों और विभागाध्यक्षों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश मुख्य सचिव की ओर से मानव संसाधन-1 द्वारा जारी किया गया है।







