जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में हरियाणा ने अपना एक वीर पुत्र खो दिया। कैथल जिले के रोहेड़ा गांव के रहने वाले लांस नायक नरेंद्र सिंधु ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। सोमवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। पूरा गांव और आसपास के लोग उन्हें अंतिम विदाई देने उमड़ पड़े। हर कोई उनकी वीरता को याद कर गर्व और आंखों में आंसू लिए नजर आया।


गांव पहुंचा पार्थिव शरीर, उमड़ा जनसैलाब

लांस नायक नरेंद्र सिंधु का पार्थिव शरीर जब सेना के तिरंगे में लिपटा गांव रोहेड़ा पहुंचा तो माहौल भावुक हो गया। ग्रामीण, परिजन और बच्चे फूल बरसाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे। ‘भारत माता की जय’ और ‘नरेंद्र अमर रहे’ के नारों से गांव गूंज उठा। शहीद के घर पहुंचे हर किसी की आंखें नम थीं। महिलाएं और बुजुर्ग रो-रोकर बेटे को याद कर रहे थे, वहीं युवा उनकी शहादत से प्रेरणा लेने की बात कर रहे थे। पूरा गांव देशभक्ति और शोक के भाव से सराबोर था।


शहीद की शौर्यगाथा रहेगी अमर

नरेंद्र सिंधु ने आतंकियों से डटकर मुकाबला करते हुए देश की रक्षा में अपनी जान न्यौछावर कर दी। सेना के अधिकारियों ने बताया कि कुलगाम मुठभेड़ के दौरान उन्होंने बहादुरी से दुश्मनों का सामना किया। उनकी वीरता और साहसिक निर्णय ने अन्य जवानों के लिए प्रेरणा का काम किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मातृभूमि की सेवा में उनका बलिदान हमेशा अमर रहेगा। सरकार और देशवासी उनके परिवार के साथ खड़े हैं और यह शौर्यगाथा पीढ़ियों तक याद की जाएगी।


परिजनों को ढांढस, पूरे प्रदेश को गर्व

इस कठिन घड़ी में शहीद नरेंद्र सिंधु के परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे। हरियाणा सरकार ने घोषणा की कि शहीद परिवार की देखभाल पूरी जिम्मेदारी से की जाएगी। ग्रामीणों ने भी भरोसा जताया कि नरेंद्र का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके नाम पर गांव में स्मारक बनाने की मांग उठी। लोग कह रहे थे कि नरेंद्र जैसे बेटे हरियाणा की माटी का गर्व हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए प्राण न्यौछावर कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया।