हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार जिले के लिए एक बड़ी सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। इस नए बाईपास का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक दबाव को कम करना और आतंरिक आवाजाही को सुगम बनाना है। यह बाईपास NH‑52 से NH‑9 तक और फिर NH‑52 तक फैलेगा।
एचवीएनआई‑सहायता से बनेगा 41 किमी लंबा बाईपास
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार के समीप राजगढ़ रोड (NH‑52) से शुरुआत कर दिल्ली रोड (NH‑9) को पार करते हुए कैथल रोड (NH‑52) तक फैलने वाले 41 किलोमीटर लंबे बाईपास परियोजना को मंजूरी दी। इस परियोजना की कुल लागत लगभग ₹1,900 करोड़ अनुमानित की गई है, जिसमें लगभग ₹1,000 करोड़ भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे। योजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.ए.एच.आई.) के सहयोग से लागू किया जाएगा।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, रास्ता होगा तेज़
इस नए बाईपास के बनने से हिसार शहर के अंदर से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव कम होगा। इससे सड़क दुर्घटनाएँ और जाम की समस्या घटेगी। इस मार्ग से भारी वाहनों को शहर के बीच से गुजरने की बजाय बाहर से होकर जाने का विकल्प मिलेगा, जिससे रफ्तार और समय दोनों की बचत होगी।
भूमि अधिग्रहण में निवेश, प्रशासन तैयार
भूमि अधिग्रहण पर ₹1,000 करोड़ खर्च करने से स्पष्ट है कि सरकार इस परियोजना को जल्दी धरातल पर लाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण और परियोजना के डिजाइन तथा अंदाज़ तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री योजनाओं के तहत एन.ए.एच.आई. के सहयोग से सड़क का निर्माण उचित गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
शहरी विकास में यह महत्वपूर्ण कदम
यह बाईपास इस क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा। नए बाईपास से व्यापार, आवागमन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को सहारा मिलेगा। इससे न सिर्फ शहर की गति बढ़ेगी, बल्कि आसपास के गांवों में भी विकास अवसर बढ़ेंगे।
आगे की प्रक्रिया: टेंडर और निर्माण शेड्यूल
परियोजना की स्वीकृति मिल गई है, अब डिज़ाइन, पर्यावरण मंजूरी और टेंडर तैयार किए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण के बाद काम तेजी से शुरू हो जाएगा। सरकार ने कहा है कि यह बाईपास कार्य जल्द पूरा कर, जनता को संपन्न और सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।





