चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘हाइड्रोजन बम’ जैसी टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी ऐसे पहले नेता हैं जो अपने ही देश पर हाइड्रोजन बम गिराने जैसी बातें कर रहे हैं। यह बेहद गैर-जिम्मेदाराना और देशहित के खिलाफ है।” विज ने कहा कि विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन ऐसे बयान देश में भय और भ्रम फैलाते हैं और यह स्वीकार्य नहीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभद्र भाषा पर टिप्पणी
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मीडिया से बातचीत में मंत्री विज ने कहा कि राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन जिस प्रकार की नकारात्मक शब्दावली उन्होंने इस्तेमाल की, वह बिल्कुल उचित नहीं। उन्होंने बताया कि ‘हाइड्रोजन बम’ और ‘एटम बम’ जैसे शब्द आम जनता के मन में डर पैदा कर सकते हैं। विज ने जोर देकर कहा कि विपक्ष का काम सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना है, लेकिन देश की सुरक्षा और छवि को चोट पहुँचाने वाले शब्द नहीं कहने चाहिए।
सबूत प्रस्तुत करने की मांग
अनिल विज ने कहा कि राहुल गांधी को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने चाहिए। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की भाषा केवल नकारात्मक सोच को दर्शाती है। विज ने कहा, “राहुल गांधी जी पर नकारात्मकता हावी हो चुकी है, इसलिए उनकी भाषा भी देश को आहत करने वाली बन गई है। सही शब्दावली का इस्तेमाल करके भी अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखा जा सकता है, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।”
सोशल मीडिया पर भी किया कड़ा प्रहार
विज ने अपने एक्स हैंडल (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “राहुल गांधी विश्व के पहले ऐसे नेता हैं जो अपने ही देश में एटम बम और हाइड्रोजन बम गिराने की भावना रखते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात रखने का अधिकार है, लेकिन अगर भावना अच्छी है तो इसके लिए कोई और शब्दावली इस्तेमाल की जा सकती थी। यह बयान पूरी तरह से देशहित के खिलाफ है।” मंत्री ने इस तरह की बयानबाज़ी को खतरनाक और जनता के बीच भ्रम फैलाने वाला बताया।