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हरियाणा के युमनानगर में दर्दनाक हादसा, गैस रिसाव के कारण लगी भीषण आग, सात बच्चों समेत लोग 11 झुलसे, पूरे इलाके में दहशत का माहौल

Written by:Gaurav Sharma
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हरियाणा के यमुनानगर में गुरुवार को एक प्रवासी मजदूर के रिहायशी क्वार्टर में गैस सिलेंडर से रिसाव के बाद भीषण आग लग गई। इस हादसे में सात बच्चों समेत कुल 11 लोग झुलस गए हैं। आग लगने के बाद दूर-दूर तक जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
हरियाणा के युमनानगर में दर्दनाक हादसा, गैस रिसाव के कारण लगी भीषण आग, सात बच्चों समेत लोग 11 झुलसे, पूरे इलाके में दहशत का माहौल

हरियाणा के यमुनानगर में गुरुवार, 9 अप्रैल को एक दर्दनाक हादसा हुआ। सलेमपुर बंगर इलाके में प्रवासी मजदूरों के एक रिहायशी क्वार्टर में गैस सिलेंडर से हुए रिसाव के कारण आग लग गई, जिसमें सात बच्चों सहित कुल 11 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। आग इतनी भीषण थी कि दूर-दूर तक जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

स्थानीय पुलिस के एक अधिकारी ने घटना के बारे में शुरुआती जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिलेंडर से गैस का रिसाव हुआ, जिसके बाद आग लग गई। आग की चपेट में आने से कमरे की दीवारें ढह गईं, और इन दीवारों की चपेट में आकर 11 लोग बुरी तरह झुलस गए। घायलों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह घटना सलेमपुर बंगर इलाके में एक कारखाने के पास स्थित प्रवासी मजदूरों के क्वार्टर में हुई। इस कारखाने में कई प्रवासी मजदूर काम करते हैं, और उनके परिवार भी वहीं पास के क्वार्टरों में रहते हैं। घटना के समय क्वार्टर में कई लोग मौजूद थे, जिससे घायलों की संख्या बढ़ गई। इस पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कुल 11 लोग गंभीर रूप से झुलसे

अधिकारियों के अनुसार, झुलसने वालों में सात बच्चे, दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, कुछ लोगों की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर (स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने की कोशिश कर रही है।

आग लगने के कारणों की जांच जारी है, लेकिन शुरुआती जानकारी से पता चला है कि यह हादसा गुरुवार सुबह रामशरण नाम के एक व्यक्ति के क्वार्टर में हुआ। वहां एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस भरने का काम चल रहा था। इसी दौरान गैस का रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरे कमरे में फैल गई। एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि गैस रिसाव के समय उसी घर में चूल्हा जल रहा था।

लीक हुई गैस ने जलते हुए चूल्हे की आग पकड़ ली, जिससे आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। इसके बाद जोरदार धमाके हुए, जिससे न केवल रामशरण के क्वार्टर को नुकसान हुआ, बल्कि आसपास के तीन क्वार्टरों में भी धमाके की आवाजें आईं। इन धमाकों से कम से कम दो दीवारें गिर गईं।

आसपास के कई मकानों को भी नुकसान की आशंका

धमाकों और आग की वजह से आसपास के कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई मकानों के लेंटर और दीवारों में भी गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे उनकी संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित जगहों की तलाश करने लगे।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां

हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। प्रशासन के कई अधिकारी भी लोगों को बचाने और राहत कार्य में लगे हुए हैं। घायलों की मदद के साथ-साथ, स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। आग पर पूरी तरह काबू पाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।

प्रवासी मजदूरों के ऐसे क्वार्टरों में गैस सिलेंडर से जुड़ी लापरवाही अक्सर देखी जाती है, जहां सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा जाता। एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस भरना एक बेहद खतरनाक काम है, खासकर जब आस-पास आग का कोई स्रोत मौजूद हो। इस तरह की घटनाएँ अक्सर गरीबी और जागरूकता की कमी का परिणाम होती हैं, जिससे जानमाल का भारी नुकसान होता है।

अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने पर भी प्रशासन का ध्यान है।

Gaurav Sharma
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