हरियाणा के श्रमिकों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की है। बुधवार (8 अप्रैल 2026) को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दी, जिसमें अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को 35% बढ़ाने की सिफारिश की गई थी। इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न उद्योगों, ईंट-भट्टों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक्सपर्ट कमिटी ने 2026-27 के लिए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को मौजूदा 11,257 प्रतिमाह से बढ़ाकर 15,200 रुपए प्रतिमाह करने की सिफारिश की थी। इस घोषणा को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडल विचार-विमर्श कर न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाने का निर्णय किया। अब प्रदेश में न्यूनतम मज़दूरी 15,220 रुपए हो जाएगी और अधिसूचना जारी होते ही यह लागू हो जाएगी।
1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी नई दरें
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा है कि हरियाणा सरकार ने मजदूरों के मिनिमम रेट्स में वृद्धि की है जिसके तहत अकुशल का वेतन 11275 से बढ़ कर 15220 रुपए, अर्द्धकुशल 12430 से बढ़ कर 16780 रुपए, कुशल का 13704 से बढ़ कर 18500 रुपए और उच्च कुशल का 14389 से बढ़ कर 19425 रुपए हो जाएगा । नई श्रम संहिताओं के बाद हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जहां श्रमिकों के वेतन में रिकार्ड वृद्धि हुई है। न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है, जो कि एक अप्रैल 2026 से लागू होगी।
जानिए किसको कितनी मिलेगी राशि
- अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,257 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रतिमाह
- अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12430 से बढ़ाकर 16780 रुपये प्रतिमाह
- कुशल श्रमिकों का वेतन 13704 से बढ़ाकर 18500 रुपये प्रतिमाह
- उच्च कुशल श्रमिकों का वेतन 14389 से बढ़ाकर 19425 रुपए रुपये प्रतिमाह किया गया है।






