आधी शटर खोल दुकान चला रहा था नाई, पुलिस ने जमकर की डंडों से हजामत

आधी शटर खोल दुकान चला रहा था नाई, पुलिस ने जमकर की डंडों से हजामत

छतरपुर।
बीते दिनों खरगोन(khargone) जिले में नाई द्वारा एक ही कपड़े से कटिंग-शेविंग(Cutting-shaving) करने से आधा दर्जन लोग कोरोना(corona virus) की चपेट में आ गए थे।जिसके बाद शासन और प्रशासन ने हर जिले में सख्ती बरतना शुरु कर दिया था। बावजूद इसके चोरी-छिपे लॉक डाउन के बीच नाई की दुकानें खुल रही है। शुक्रवार को छतरपुर जिले (chatarpur district)के महाराजपुर में पुलिस (police)ने एक नाई की दुकान पर छापा(raid) मारा। यह नाई दुकान की शटर बंद करके लोगों की शेविंग-कटिंग कर रहा था।

पुलिस ने सभी को बाहर निकाला और डंडे से पीटना शुरू कर दिया। लोग वहां से गलियों से भागे। इसके बाद पुलिस ने दुकान बंद करा दी और नाई को भी दुकान न खोलने की कड़ी चेतावनी दी। बताया गया कि पुलिस को किसी ने इसकी सूचना दी थी और वहां कोई भी मास्क नहीं लगाए था। सभी लोगों को एक-एक कर बाहर निकालकर पिटाई की गई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने घटना का कवरेज कर रहे स्थानीय पत्रकार का मोबाइल छीन लिया और उससे अभद्रता भी की।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews