मंत्री ने पैर छुए, विधायक ने लगाई फटकार

मंत्री ने पैर छुए, विधायक ने लगाई फटकार

अतुल सक्सेना/ग्वालियर। अंदाज अपना अपना, ग्वालियर में सोमवार को यही दिखा। दो दिन पहले जिस इंजीनियर के काम को लेकर मध्य प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पैर छूकर काम करने का निवेदन किया था उसी अधिकारी को आज दक्षिण पश्चिम से कांग्रेस के विधायक प्रवीण पाठक ने जमकर फटकार लगाई। पाठक ने यहां तक कह दिया कि मैं नीरो नहीं हूं कि रोम जलता रहे और मैं बांसुरी बजाता रहूं।

अपनी विधानसभा के लोगों को बुनियादी सुविधा दिलाने के लिए हर समय मुस्तैद रहने वाले ग्वालियर दक्षिण विधायक प्रवीण पाठक ने आज अमृत योजना का काम देख रहे अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायक ने दो टूक कहा “मैं नीरो नहीं हूँ, कि रोम जलता रहे और नीरो बांसुरी बजाता रहे, ये दक्षिण विधानसभा है, आप लोग समझ लीजिये।

ग्वालियर दक्षिण विधानसभा में भी इस समय अमृत योजना के तहत सीवर लाइन और पानी की लाइन डाली जा रही है लेकिन क्षेत्रीय लोग लापरवाही की शिकायत लेकर उनके पास पहुँच रहे हैं। सोमवार को विधायक शिकायतों की हकीकत जानने माधवगंज चौराहे पर पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों से जब काम के बारे में हकीकत पूछी तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों ने जैसे ही अमृत योजना के 2035 तक होने की जानकारी दी तो विधायक भड़क गए विधायक पाठक ने कहा कि याद रखिये 2035 तक एक भी सीवर लाइन नहीं डालने दूंगा, अमृत में करोड़ों रुपए आ रहे हैं इससे ही काम करना होगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ध्यान रखिये “मैं नीरो नहीं हूँ, कि रोम जलता रहे और मैं बांसुरी बजाता रहूँ, ये दक्षिण विधानसभा है आप लोग समझ जाइये। विधायक के तेवर देखकर अधिकारी आँखें नीचे कर चुपचाप देखते रहे। विधायक ने नाराजगी भरे अंदाज में कहा कि अमृत योजना के तहत न तो गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जा रहे हैं न तो समय पर कार्य पूरे किए जा रहे हैं और न ही जहां लाइन डालने के लिए सड़क खोदी गई है वहां रेस्टोरेशन किया जा रहा है. जो अमृत योजना जनता को सहूलियत देने के लिए बनाई गई है वही योजना जनता के लिए सिरदर्द बन गई है जनता में सड़क सीवर पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है । उन्होंने कहा कि अमृत योजना 2035 तक व्यवस्थित वाटर सप्लाई और सीवरेज के लिए बनाई गई है आप लोगों से मैं लिखित में लूंगा कि अमृत योजना की लाइन डालने के बाद 2035 तक वाटर और सीवेज पाइपलाइन के लिए कोई भी सड़क नहीं खोदी जाए।

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