दिल्ली। ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने दिल्ली आवास से निकले हैं, इस बीच ज्योतिरादित्य ने मीडिया से दूरी बनाई हुई है। जब पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछे तो हाथ जोड़कर वो चुपचाप निकल गए। सिंधिया अपनी गाड़ी भी खुद चला रहे थे। मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी हंगामे के बीच सिंधिया की इस चुप्पी से रहस्य और गहरा गया है।
सस्पेंस बरकरार, सोनिया से मिल सकते हैं सिंधिया
Written by:Gaurav Sharma
Published:
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






