प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज अपने दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे , वे हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित पश्चिम बंग दिवस समरोह में शामिल हुए, उन्होंने यहाँ कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया, आधारशिला रखी , उन्होंने यहाँ एक आमसभा को भी संबोधित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा- बाबा तारकनाथ और बंगाल की ये पुण्य भूमि, पश्चिम बंग दिवस की ये ऐतिहासिक तारीख और इतनी बड़ी संख्या में आप सभी की उपस्थिति देखकर मैं खुश हूँ, आज चुनाव और शपथ ग्रहण के बाद मुझे पहली बार आपके बीच आने का सौभाग्य मिला है। बंगाल की हवा में अब एक नई ताजगी है। यहां के कण-कण से एक नई खुशबू आ रही है। ऐसा लग रहा है जैसे बंगाल अब बेड़ियों से आजाद हो गया है, जैसे बंगाल के गौरव लौटने का आरंभ हो गया है।
मोदी ने कहा आज का ये कार्यक्रम, इन परियोजनाओं का शुभारंभ गवाह है कि हमारा बंगाल अपने नए भविष्य के निर्माण में जुट गया है। बंगाल के लोगों के चेहरे की ये चमक, गांव गांव में खुशी और विश्वास का भाव, मैं आपके इस आनंद में भागीदार बनने के लिए आया हूं। आपका एक वोट, एक चुनाव कितना कुछ परिवर्तन कर सकता है, ये बंगाल में साफ साफ नजर आ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा मैं इस अवसर पर बंगाल के लोगों को और सभी देशवासियों को पश्चिम बंग दिवस की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं आप सभी की स्वच्छता से स्वागत पहले के लिए भी सराहना करना चाहता हूं। स्वच्छता हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जहां स्वच्छता होगी, वहां विकास भी काफी सुंदर दिखेगा।
मोदी ने कहा इस बार पश्चिम बंग दिवस की ये तारीख और भी बहुत खास है। आजादी के बाद बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा गया था, बंगाल की महान आत्माओं ने जो परिकल्पना की थी, आज एक तरह से पहली बार हम पश्चिम बंग दिवस पर उन सपनों को सच्चाई में बदलते देख रहे हैं। ये ऐतिहासिक तारीख पश्चिम बंगाल के विकास की प्रेरणा बने, हम एक नया और गौरवशाली इतिहास रचे, आज बीजेपी-एनडीए सरकार में इसके लिए विकास के महा-अभियान की शुरुआत हो रही है।
डबल इंजन सरकार ने सुपर-फास्ट स्पीड से काम करना शुरु कर दिया है
पिछली सरकारों पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा- बंगाल में दशकों तक पहले लेफ्ट और फिर टीएमसी ने जो गड्ढे बनाए, उसे भरने के लिए डबल इंजन की सरकार ने सुपर-फास्ट स्पीड से काम करना शुरु कर दिया है। बिजली की रफ्तार से फैसले हो रहे हैं। रुकी हुई योजनाओं पर काम आगे बढ़ने लगा है। आज यहां सैकड़ों करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है। रेल, रोड, कृषि, मछली पालन से जुड़ी ये परियोजनाएं बंगाल के विकास को नई गति देंगी। इन परियोजनाओं से यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बंगाल को भारत से अलग करने की साजिश की गई, लेकिन सफल नहीं हुई
मोदी ने कहा बंगाल ने रक्तपात सहा, बंगाल ने अपनों को खोया, अपनी मातृभूमि के टुकड़े होते देखे लेकिन, बंगाल ने अपनी अस्मिता और पहचान को नष्ट नहीं होने दिया। इसी का परिणाम था जब पूरे बंगाल को भारत से अलग करने की साजिश हो रही थी तब अलग पश्चिम बंगाल बनाकर उन मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया गया। विभाजन के समय जो कांग्रेस बंगाल को लावारिस छोड़ना चाहती थी, विभाजन के बाद उसने बचे हुए बंगाल में भी तुष्टिकरण के खेल खेलने शुरू कर दिए। पश्चिम बंगाल के इस इतिहास को दबाया गया।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार को खत्म करने की कोशिशें हुईं
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जनसंघ के संस्थापक बने इसलिए उनके योगदान को नकारा गया। जिस भावना को लेकर उन्होंने बंगाल के लिए लड़ाई लड़ी थी, उस विचार को भी खत्म करने की कोशिशें होती रही। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और ईश्वरचंद्र विद्यासागर जैसे जिस धरती का ऐसे महान संतानों का नाता रहा हो, उस पर विदेशी विचारधारा थोपी गई। पहले कांग्रेस, फिर लेफ्ट, फिर टीएमसी दशकों तक पश्चिम बंगाल को सहेजने और संवारने की जगह इसे अवैध घुसपैठियों का अड्डा बनने दिया गया।






