भोपाल। खजुराहो (khajuraho) से सांसद (member of parliyament) और बीजेपी (bjp) के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष (state president) विष्णु दत्त शर्मा (vishnu dutt sharma) ने प्रदेश भर के कलेक्टरों को चेताया है कि वे सरकारी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल (protocol) का ध्यान रखें। भोपाल में बीजेपी ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए वीडी शर्मा (VD SHARMA) ने कहा कि हालांकि कमलनाथ (Kamalnath) जहां भी जा रहे हैं ,शिवराज सिंह चौहान (Shivraj singh chauhan) द्वारा घोषित किए उद्घाटन व शिलान्यास ही कर रहे हैं। लेकिन मेरे पास इस तरह की शिकायतें आ रही हैं कि प्रोटोकॉल का पालन कलेक्टर नहीं कर रहे हैं और बीजेपी के सांसदों और विधायकों को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है। वीडी शर्मा ने कहा कि यह बहुत गंभीर बात है कि कलेक्टर संवैधानिक व्यवस्था के प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। मेरे पास कई सांसद और विधायकों ने इस बात की शिकायत की है ।कलेक्टरों को कांग्रेस के दबाव में ऐसा नहीं करना चाहिए था। हालाकि सांसद या विधायक अगर जाएंगे नहीं तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि नरेंद्र मोदी और हमारा नेतृत्व लोगों के दिलों में बैठा हुआ है। नगरीय निकाय चुनावों के बारे में हाई कोर्ट के निर्णय को लेकर वीडी शर्मा ने कहा कि यह बहुत गंभीर बात है कि संवैधानिक व्यवस्था होने के बावजूद सरकार ने समय से नगरीय निकाय के चुनाव नहीं कराए जबकि साफ तौर पर संविधान के 93 वे संशोधन के अनुसार नगरीय निकायों का कार्यकाल खत्म होने के पहले ही राज्य चुनाव आयोग को इन चुनावो की घोषणा करनी थी। लेकिन सरकार जानती है कि वह चुनाव जीत नहीं सकती इसलिए एन केन प्रकारेण इन चुनावों को टालने की कोशिश की जा रही है। न्यायालय ने सरकार से जो जवाब मांगा है उससे सरकार सकते में है।
वीडी शर्मा ने प्रदेश के कलेक्टरों को चेताया
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






