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हिमाचल आपदा पर कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल ने राज्यसभा में उठाया सवाल, बोलीं- ‘PM मोदी के 1500 करोड़ के वादे से 15 रुपये भी नहीं मिले’

Written by:Banshika Sharma
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महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने राज्यसभा में पिछले साल की आपदा का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज में से छह महीने बाद भी कोई राशि जारी नहीं की गई है।
हिमाचल आपदा पर कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल ने राज्यसभा में उठाया सवाल, बोलीं- ‘PM मोदी के 1500 करोड़ के वादे से 15 रुपये भी नहीं मिले’

हिमाचल प्रदेश में पिछले साल मानसून के दौरान हुई भीषण तबाही और उसके बाद केंद्र द्वारा घोषित राहत पैकेज का मामला एक बार फिर गरमा गया है। महाराष्ट्र से कांग्रेस की राज्यसभा सांसद एवं हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल ने यह मुद्दा सीधे राज्यसभा में उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा के बाद 1500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की घोषणा की थी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी राज्य को इसमें से 15 रुपये तक नहीं मिले।

रजनी पाटिल ने सदन में कहा कि पिछले दो वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं ने हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही मचाई है, खासकर कुल्लू-मनाली जैसे क्षेत्रों में सड़कें और रास्ते पूरी तरह बह गए। उन्होंने इस स्थिति को ‘सदी की सबसे भीषण तबाही’ बताते हुए केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल खड़े किए।

सितंबर में PM मोदी ने की थी घोषणा

यह मामला पिछले साल 9 सितंबर का है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं धर्मशाला का दौरा कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया था। प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने उन्हें बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने से हुई तबाही पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दी थी। इसके बाद ही पीएम मोदी ने हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपये के विशेष आपदा राहत पैकेज की घोषणा की थी।

हालांकि, इस घोषणा के कई महीने बाद भी यह राशि राज्य सरकार को नहीं मिली है, जिसे लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस लगातार केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साध रही है।

लगातार राहत राशि मांग रही राज्य सरकार

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कई बार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से इस घोषित राशि को जल्द जारी करने का आग्रह कर चुके हैं। राज्य सरकार के मंत्री भी विभिन्न मंचों से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। उनका तर्क है कि आगामी मानसून को देखते हुए राज्य को पुनर्निर्माण और तैयारियों के लिए तत्काल फंड की आवश्यकता है।

“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री जी की घोषणाओं के बाद भी हिमाचल को उसका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश हर वर्ष भीषण आपदाओं और बाढ़ की मार झेल रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रदेश को केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है।” — मुकेश अग्निहोत्री, उपमुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्यसभा में इस मामले को उठाने के लिए रजनी पाटिल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि केंद्र सरकार को आगामी मानसून के खतरे को देखते हुए हिमाचल को आवश्यक राहत एवं सहायता प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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