हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से सड़क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। खासकर फोरलेन और हाईवे पर बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। स्थिति को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रदेशवासियों को राहत देने के उद्देश्य से खराब फोरलेन पर टोल टैक्स कम करने का निर्णय लिया है। यह फैसला उन वाहन चालकों और मालिकों के लिए बड़ी राहत है जो बरसात में बार-बार खराब सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं।
हिमाचल प्रदेश में कुल 6 प्रमुख टोल प्लाजा हैं, जिनमें मंडी जिले के टकोली और बलोह, कुल्लू के डोभीनाला, सोलन के सनवारा, बिलासपुर और कांगड़ा के मटौर-शिमला हाईवे स्थित रानीताल टोल प्लाजा शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर बरसात की वजह से फोरलेन को भारी नुकसान हुआ है। लगातार भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाओं के कारण यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा क्षति मनाली-कीरतपुर फोरलेन को
NHAI ने बताया कि 70 किलोमीटर लंबे मनाली-कीरतपुर फोरलेन पर सबसे अधिक नुकसान हुआ है। बारिश और भूस्खलन के कारण यह मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते टोल टैक्स की दरों में कमी के लिए डैमेज रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजा जाएगा।
डैमेज रिपोर्ट के आधार पर घटेगा टोल टैक्स
NHAI द्वारा तैयार की जा रही डैमेज रिपोर्ट के आधार पर ही टोल टैक्स की नई दरें तय की जाएंगी। लोकसभा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा है। मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही कम दरें लागू होंगी। इससे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब प्रदेशवासी प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे हैं।





