केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के दौरे पर पहाड़ी क्षेत्रों के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास केवल कागजी योजनाओं से नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत को समझकर ही संभव है। रविवार को तीसा में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि बंद कमरों में बनी नीतियां अक्सर धरातल की वास्तविकताओं से कोसों दूर होती हैं।
खुद को पहाड़ी बताते हुए रिजिजू ने कहा कि वह पूर्वोत्तर के एक पहाड़ी राज्य से आते हैं और यहां की मुश्किलों को भली-भांति समझते हैं। उनके अनुसार, विकास का सही पैमाना फाइलों में दर्ज योजनाएं नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान है।
“दफ्तरों में बैठकर योजनाएं बनाना आसान है, लेकिन पहाड़ों में जाकर लोगों की समस्याओं को समझना ही असली चुनौती है।” — किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री
इस दौरान उन्होंने चंबा जिले को कई विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। उन्होंने भंजरारू में एक आईटीआई भवन और तीसा में एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (स्टेडियम) का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा, “मैं चंबा के लिए एक विशेष पैकेज लेकर आया हूं, जिसमें युवाओं और शिक्षा क्षेत्र पर खास ध्यान दिया गया है।”
पांगी घाटी को मिलेगी आधुनिक कनेक्टिविटी
केंद्रीय मंत्री ने दुर्गम पांगी घाटी के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि घाटी को एक आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि भारी बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से निपटने के लिए रणनीतिक टनल निर्माण की योजना है, ताकि यह क्षेत्र सालभर देश के बाकी हिस्सों से जुड़ा रह सके।
रिजिजू ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी आसान होगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
विकास के लिए केंद्र-राज्य समन्वय जरूरी
रिजिजू ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार धनराशि उपलब्ध कराती है, लेकिन योजनाओं का क्रियान्वयन राज्य सरकार को करना होता है। अगर दोनों के बीच तालमेल में कमी हो तो विकास कार्यों में अनावश्यक देरी होती है।” उन्होंने स्थानीय सांसद और लोगों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर केंद्र सरकार की ओर से सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि नया आईटीआई भवन शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करेगा और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने इन विकास कार्यों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ और ‘विकसित भारत’ के विजन से जोड़ा।






