हिमाचल विधानसभा में रोजगार पर सियासी घमासान, सीएम सुक्खू बोले- ‘इस साल नौकरियां ही नौकरियां मिलेंगी’

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन रोजगार का मुद्दा गरमा गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में बताया कि अब तक 39,220 युवाओं को रोजगार दिया गया है, जिनमें से 34,980 नियुक्तियां पिछले डेढ़ वर्ष में हुईं।
हिमाचल विधानसभा में रोजगार पर सियासी घमासान, सीएम सुक्खू बोले- ‘इस साल नौकरियां ही नौकरियां मिलेंगी’

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन रोजगार का मुद्दा गरमा गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में बताया कि अब तक 39,220 युवाओं को रोजगार दिया गया है, जिनमें से 34,980 नियुक्तियां पिछले डेढ़ वर्ष में हुईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार चुनाव घोषणा पत्र में किए सभी वादों को पांच साल में पूरा करेगी। लेकिन विपक्ष ने सरकार पर चुनावी गारंटी निभाने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। नाराज भाजपा विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया।

विधानसभा में रोजगार पर सियासी घमासान

भाजपा विधायकों ने सरकार पर 58 साल की स्थायी नौकरी के वादे से पीछे हटने और अनुबंध भर्ती को “जॉब ट्रेनी” में बदलकर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री ने सफाई दी कि अनुबंध का नाम कोर्ट के आदेशों के बाद बदला गया है। उन्होंने कहा कि पात्र बहनों को 1500 रुपये देने का वादा भी पूरा किया जाएगा। लोकसेवा और राज्य चयन आयोग से चयनित कर्मचारियों को दो साल बाद नियमित किया जाएगा। सुक्खू ने दावा किया कि उनकी सरकार ने अब तक 5,960 नए पद सृजित किए हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए संस्थान खोले लेकिन पद ही नहीं भरे।

मुख्यमंत्री ने विभागवार नौकरियों का ब्यौरा भी पेश किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में 7,000 पद भरे गए हैं, वहीं 5,000 पंप ऑपरेटरों और 1100 नर्सों की भर्ती हो चुकी है। 200 डॉक्टरों के पदों के नतीजे आने वाले हैं। जल्द ही 6,200 एनटीटी प्रशिक्षकों और 6,000 आया की नियुक्तियां दी जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने के लिए यूरोप और जापान के दूतावासों से बातचीत कर रही है। सऊदी अरब में कुछ युवाओं को नौकरी भी दिलवाई गई है और विदेश में कार्यरत युवाओं पर सरकार ट्रैक-ट्रेस की व्यवस्था कर रही है।

इस बीच भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने सरकार को घेरा और कहा कि पिछले साल सरकार ने 34,980 नौकरियां देने की जानकारी दी थी, लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर 23,191 रोजगार देने का दावा किया। उन्होंने सवाल किया कि यह आंकड़ा घटा कैसे और क्या सरकार युवाओं को गुमराह कर रही है। वहीं, भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने बहनों को 1500 रुपये की गारंटी तो नहीं दी, लेकिन अपनी “भाभी” को पेंशन जरूर लगवा दी। इस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि देहरा विधायक कमलेश ठाकुर को पेंशन नहीं बल्कि सैलरी मिली है और यह भाजपा की दया से हुई है। सुक्खू ने कहा कि यदि विपक्ष उन्हें झूठा साबित कर सकता है तो सदन में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews