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हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने सुक्खू सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, भ्रष्टाचार और जनता पर टैक्स के लगाए आरोप, प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

Written by:Gaurav Sharma
Published:
हिमाचल प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सुक्खू सरकार के खिलाफ आक्रामक मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने, जनता पर भारी टैक्स का बोझ लादने और पंचायत चुनावों को जानबूझकर टालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन जनविरोधी नीतियों के विरोध में बीजेपी ने आगामी 8 से 11 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है, साथ ही हाईकोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने सुक्खू सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, भ्रष्टाचार और जनता पर टैक्स के लगाए आरोप, प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी ने सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने, अधिकारियों को संरक्षण देने और जनता पर बेवजह टैक्स का बोझ डालने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के साथ ही, बीजेपी ने पंचायत चुनावों को टालने की सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए हैं। अपनी बात मनवाने और सरकार को घेरने के लिए बीजेपी ने पूरे प्रदेश में 8 से 11 अप्रैल तक विशाल धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके हैं। उन्होंने ‘चेस्टर हिल प्रोजेक्ट्स’ विवाद का जिक्र किया, जहां अधिकारियों ने एक-दूसरे पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। शर्मा ने हैरानी जताई कि यह मुद्दा विधानसभा सत्र में उठने के बावजूद सरकार या मुख्यमंत्री की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया। इससे साफ पता चलता है कि मुख्यमंत्री खुद भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने में लगे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रेजरी बंद होने के बाद भी भुगतानों में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं, जो सीधे तौर पर वित्तीय भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

प्रदेश पुलिस की निष्पक्ष जांच पर उठे सवाल

बीजेपी ने राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा विधानसभा परिसर में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को हिमाचल के इतिहास की ‘अभूतपूर्व और चिंताजनक’ घटना करार दिया है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव ने तीन पूर्व मुख्य सचिवों के नाम लिए थे, जिससे आम जनता के बीच भ्रम का माहौल बन गया। रणधीर शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश पुलिस के स्तर पर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, क्योंकि इसमें उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हैं। इसलिए बीजेपी ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के एक मौजूदा जज (सिटिंग जज) से करवाई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।

बीजेपी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सदन और जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। विधायक रणधीर शर्मा ने एंट्री टैक्स को लेकर सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताया। पहले सरकार ने एंट्री टैक्स में राहत देने की बात कही थी, लेकिन अब 5-सीटर वाहनों पर भी अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। इसके अलावा, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर का सेस (उपकर) लगाने वाला बिल पास करके सीधे तौर पर महंगाई को निमंत्रण दिया है। इस फैसले से आम जनता की जेब पर सीधा बोझ पड़ेगा और दैनिक जरूरत की वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे।

पंचायत चुनाव टालने के आरोपों से घिरी सरकार

पंचायत चुनावों को लेकर भी बीजेपी ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि उपायुक्तों (डीसी) को पंचायत के परिसीमन में 5 प्रतिशत की शक्ति देना पूरी तरह गलत है। एक पंचायत के परिसीमन में बदलाव से कई अन्य पंचायतें भी प्रभावित होती हैं, जिससे ग्रामीण व्यवस्था में अनावश्यक उथल-पुथल मच जाती है। बीजेपी विधायक ने सीधा आरोप लगाया कि सरकार लगातार पंचायत चुनाव टालने के बहाने ढूंढ रही है, जबकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत समय पर चुनाव कराना जरूरी है। सरकार का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष पैदा कर रहा है।

बीजेपी विधायक ने चेतावनी दी है कि सरकार ने जनविरोधी फैसले लेकर जनकल्याणकारी योजनाओं को भी रोक दिया है। उनके अनुसार, सरकार की ये नीतियां प्रदेश की जनता के हित में नहीं हैं और उनका सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है। बीजेपी ने साफ किया है कि वह इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। आगामी 8 से 11 अप्रैल तक बीजेपी कार्यकर्ता प्रदेश भर में सड़कों पर उतरेंगे और सरकार के खिलाफ उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार को उसकी गलतियों का अहसास कराना और जनता की आवाज बुलंद करना है। बीजेपी ने कहा है कि वह जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

Gaurav Sharma
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