हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अलग-अलग विभागों में सुधार लाने के लिए आज होने वाली कैबिनेट बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रस्तावित 300 डॉक्टरों के ‘लीव रिजर्व कैडर’ को मंजूरी मिलना सबसे बड़ा फैसला माना जा रहा है। इसका मकसद प्रदेश में डॉक्टरों की उपलब्धता बनाए रखना है।
दरअसल इस व्यवस्था के तहत अगर कोई डॉक्टर छुट्टी पर होगा, ट्रेनिंग कर रहा होगा या पीजी कोर्स में व्यस्त होगा, तब भी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। जरूरत पड़ने पर लीव रिजर्व कैडर से डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे मरीजों को लगातार बेहतर इलाज मिल सकेगा और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की समस्या काफी हद तक दूर होगी।
इन फैसलों को मिल सकती है मंजूरी
वहीं स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ बढ़ाने को लेकर भी आज अहम फैसले हो सकते हैं। प्रदेश के अस्पतालों में 200 स्टाफ नर्स और सीनियर रेजिडेंट्स के पद भरने को मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा करीब 180 ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट और रेडियोग्राफर के पदों को भरने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा। इन भर्तियों से अस्पतालों में कामकाज बेहतर होगा और मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल पाएंगी।
कैबिनेट बैठक में वन भूमि पर हुए अतिक्रमण को नियमित करने की नीति पर भी चर्चा होगी। यह नीति खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों को राहत देने के लिए तैयार की गई है। सरकार का कहना है कि इससे लंबे समय से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस नीति को आगे की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के पास भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना
शिक्षा विभाग से जुड़े कई मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है। राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रशासनिक कामकाज को आसान करने के लिए कई प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। इनमें अलग-अलग विभागों में काम कर रहे मल्टी टास्क वर्करों के लिए कॉमन कैडर बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो हजारों कर्मचारियों को एक जैसी सेवा शर्तों और सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को पास की दूसरी पाठशालाओं में मर्ज करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि इससे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और छात्रों को अच्छी शिक्षा मिल पाएगी। यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।






