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हिमाचल में अफसरशाही पर घमासान, मंत्री विक्रमादित्य और अनिरुद्ध सिंह में सीधी तकरार, IAS-IPS एसोसिएशन भी मैदान में

Written by:Ankita Chourdia
Published:
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में मंत्रियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बाहरी राज्यों के अफसरों पर दिए बयान के बाद पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने पलटवार किया, जिससे कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।
हिमाचल में अफसरशाही पर घमासान, मंत्री विक्रमादित्य और अनिरुद्ध सिंह में सीधी तकरार, IAS-IPS एसोसिएशन भी मैदान में

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार में अफसरशाही को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मंत्रियों की आपसी जंग में तब्दील हो गया है। लोक निर्माण मंत्री (PWD) विक्रमादित्य सिंह के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है, जिसके बाद कैबिनेट के उनके सहयोगी ही उन पर हमलावर हो गए हैं। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के साथ उनकी सीधी तकरार और IAS-IPS एसोसिएशन के विरोध ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा मामला 12 जनवरी को मंत्री विक्रमादित्य सिंह की एक फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ। उन्होंने लिखा कि कुछ UP-बिहार के IAS-IPS अधिकारी ‘हिमाचलियत’ की धज्जियां उड़ा रहे हैं और उन्हें शासक बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के एक पुराने भाषण का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे अफसरों से समय रहते निपटना जरूरी है।

मंत्रियों ने ही बयान को नकारा

विक्रमादित्य के इस बयान से सरकार में फूट पड़ गई। सबसे पहले राजस्व मंत्री जगत नेगी ने इससे असहमति जताई। इसके बाद 14 जनवरी को पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। अनिरुद्ध ने कहा कि अगर कोई मंत्री काम नहीं करवा पा रहा है, तो यह उसकी अपनी कार्यशैली की कमी हो सकती है, हर बात के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है।

विक्रमादित्य ने पुराने मामले की याद दिलाई

अनिरुद्ध सिंह के बयान के बाद विक्रमादित्य ने भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में अनिरुद्ध सिंह को NHAI अधिकारियों के साथ हुई मारपीट की घटना की याद दिलाई। विक्रमादित्य ने तंज कसते हुए कहा कि वह अधिकारियों का वैसा सम्मान नहीं करते, जैसा NHAI के घायल अधिकारियों का हुआ था। बता दें कि पिछले साल अनिरुद्ध सिंह पर NHAI अधिकारियों से मारपीट के आरोप में FIR दर्ज हुई थी।

IAS-IPS एसोसिएशन ने खोला मोर्चा

मंत्रियों की इस लड़ाई के बीच हिमाचल की IAS और IPS एसोसिएशन ने भी विक्रमादित्य के बयान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों एसोसिएशन ने बैठक कर बयान की निंदा की और इसे विभाजनकारी बताया। IPS एसोसिएशन ने तो यहां तक मांग कर दी कि विक्रमादित्य सिंह के साथ किसी अधिकारी को ड्यूटी पर न लगाया जाए।

अन्य नेता भी विवाद में कूदे

इस सियासी जंग में दूसरे नेता भी शामिल हो गए हैं। पूर्व CPS और कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे नीरज भारती ने भी 60-70% अफसरों पर निशाना साधा। वहीं, कांग्रेस विधायक भवानी पठानिया ने भी सोशल मीडिया पर एक सांकेतिक पोस्ट के जरिए अफसरशाही और नेताओं के बीच के संबंधों पर टिप्पणी की। यह विवाद दिखाता है कि सुक्खू सरकार के मंत्री बेलगाम हो गए हैं और खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, जो कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।