Hindi News

हिमाचल सरकार ने लिया बड़ा फैसला, प्रदेश में नहीं बनेंगी नई पंचायतें, मौजूदा पंचायतों का होगा पुनर्गठन

Written by:Neha Sharma
Last Updated:
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में नई पंचायतें बनाने की बजाय मौजूदा पंचायतों के पुनर्गठन का निर्णय लिया है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया, जिसके तहत पंचायत मुख्यालय से दूर स्थित वार्डों को निकटवर्ती पंचायतों में शामिल किया जाएगा।
हिमाचल सरकार ने लिया बड़ा फैसला,  प्रदेश में नहीं बनेंगी नई पंचायतें, मौजूदा पंचायतों का होगा पुनर्गठन

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में नई पंचायतें बनाने की बजाय मौजूदा पंचायतों के पुनर्गठन का निर्णय लिया है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया, जिसके तहत पंचायत मुख्यालय से दूर स्थित वार्डों को निकटवर्ती पंचायतों में शामिल किया जाएगा। राज्य में पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार ने नई पंचायतों के गठन के लिए आवेदन मांगने के बजाय केवल पुनर्गठन के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। वर्तमान में प्रदेश में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या 3,577 है, जो अब समान रहेगी, हालांकि कई पंचायतों की सीमाओं और आकार में बदलाव किया जाएगा

हिमाचल सरकार ने लिया बड़ा फैसला

राज्य में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल आगामी जनवरी में पूरा हो रहा है। इसको देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं उपायुक्तों ने पंचायत पुनर्गठन के लिए 15 दिनों के भीतर आवेदन मांगे हैं। इसके बाद इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श, आपत्तियां और सुझाव दर्ज करने की प्रक्रिया होगी। सूत्रों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में डेढ़ से दो महीने का समय लग सकता है।

इस बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या पंचायत चुनाव तय समय यानी जनवरी में ही कराए जा सकेंगे। पुनर्गठन प्रक्रिया की समयसीमा को देखते हुए इस पर फिलहाल संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया पंचायतों की पुरानी सीमाओं के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और आयोग तय अवधि में चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। आयोग का कहना है कि समय पर चुनाव कराना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।

कई पंचायतों का आकार और परिधि बदलेगा

पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश में नई पंचायतें नहीं बनाई जाएंगी। इसके बजाय पंचायतों के भीतर वार्डों का पुनर्सीमांकन किया जाएगा ताकि प्रशासनिक सुगमता और क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह कदम जमीनी स्तर पर शासन की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है।

राज्य में पंचायतों की संख्या भले ही 3,577 ही बनी रहेगी, लेकिन कई पंचायतों का आकार और परिधि अब बदलेगा। पुनर्गठन के बाद कुछ वार्ड नजदीकी पंचायतों में समाहित होंगे, जिससे लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय विकास योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगा।

Neha Sharma
लेखक के बारे में
A Passionate Digital News writer with deep expertise. Doing Sharp analysis with engaging storytelling. View all posts by Neha Sharma
Follow Us :GoogleNews