आज हिमाचल की सुक्खू सरकार अपने 3 साल के कार्यकाल पूरा होने का जश्न मना रही है। इस जश्न के लिए मंडी के पड्डल मैदान को चुना गया है, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल होने पहुंचेंगे। इस जश्न को हिमाचल सरकार ने जन संकल्प रैली का नाम दिया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत 4000 श्रमिकों को 150 करोड़ की राशि का वितरण किया जाएगा। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर के मुताबिक मौजूदा सरकार में अभी तक श्रमिकों को 63 करोड़ से अधिक के लाभ दिए जा चुके हैं।
दरअसल सुक्खू सरकार की ओर से श्रमिकों के लिए 14 विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें से आठ योजनाओं के तहत आवेदन करने वाले पात्र लाभार्थियों को धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी, जबकि प्रदेश की 19 एकल, विधवा एवं दिव्यांग महिलाओं को इस दौरान एक-एक लाख की धनराशि मिलेगी।
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क्यों दिया गया इसे जन संकल्प रैली का नाम?
मंडी के पड्डल मैदान में होने वाला यह कार्यक्रम आज सुबह 11:00 बजे शुरू होगा, जो दोपहर 3:00 बजे तक चलेगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू से लेकर कई बड़े नेता शामिल होंगे। कांग्रेस द्वारा पिछले 3 साल के कामकाज को समझाया जाएगा। वहीं, इसके साथ ही प्रदेश भर से योजनाओं के लाभार्थी और अन्य लोग भी इस जश्न का हिस्सा बनेंगे। बता दें कि सरकार की ओर से पहले इसे जश्न के तौर पर ही मनाया जा रहा था, लेकिन भाजपा ने इसका कड़ा विरोध किया। भाजपा का कहना था कि मंडी जिला हाल ही में बड़ी आपदाओं से जूझा है और सरकार यहां जश्न मनाने आ रही है। जिसके बाद सुखविंदर सुक्खू सरकार ने इसे जन संकल्प रैली का नाम दिया।
दिल्ली से कोई भी बड़ा नेता मंडी नहीं पहुंच रहा
वहीं इस रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली से कोई भी बड़ा नेता मंडी नहीं पहुंच रहा है। खासतौर पर पड्डल मैदान में आज योजनाओं के लाभार्थियों को बुलाया गया है। मंडी शहर को इसके लिए सजाया गया है। वहीं, इस कार्यक्रम पर मंडी जिला के कांग्रेस के इकलौते विधायक चंद्रशेखर ठाकुर का कहना है कि सुक्खू सरकार की योजनाएं आंवले की तरह होती हैं, इनका स्वाद बाद में पता लगता है। बता दें कि कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में मंडी की 10 सीटों में से 9 सीटें गंवा दी थीं, केवल एक सीट पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई थी।
विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने कहा कि जहां पहले ग्रामीणों को डॉक्टर नहीं मिला करते थे, वहां आज विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए गए हैं। किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिल रहा है और उन्हें हर सरकारी मदद मिल रही है। सुख सरकार देशभर की इकलौती ऐसी सरकार है जो आपदा के दौर में 1,30,000 की जगह 8,00,000 रुपये का मुआवजा दे रही है। यह संवेदनशीलता और सोच का जीता-जागता उदाहरण है।