Hindi News

हिमाचल प्रदेश में PM के 1500 करोड़ आपदा पैकेज पर सियासी जंग, मंत्री नेगी ने लगाया सौतेले व्यवहार का आरोप, BJP ने किया पलटवार

Written by:Banshika Sharma
Published:
हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही के बाद घोषित 1500 करोड़ के विशेष राहत पैकेज को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र पर एक भी पैसा जारी न करने और सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है, जबकि BJP ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य सरकार आपदा राहत फंड का दुरुपयोग कर कर्मचारियों को सैलरी दे रही है।
हिमाचल प्रदेश में PM के 1500 करोड़ आपदा पैकेज पर सियासी जंग, मंत्री नेगी ने लगाया सौतेले व्यवहार का आरोप, BJP ने किया पलटवार

हिमाचल प्रदेश में पिछले साल मानसून के दौरान हुई विनाशकारी तबाही के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज पर अब सियासी घमासान छिड़ गया है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने केंद्र पर एक भी पैसा जारी न करने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार करते हुए प्रदेश सरकार पर ही केंद्रीय फंड के दुरुपयोग का आरोप मढ़ दिया है।

यह विवाद उस घोषणा से जुड़ा है जो प्रधानमंत्री मोदी ने 9 सितंबर को धर्मशाला दौरे के दौरान की थी। लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी यह राशि राज्य को नहीं मिली है, जिससे पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कार्यों पर असर पड़ने की बात कही जा रही है।

‘1500 करोड़ तो दूर, 15 पैसे भी नहीं मिले’

प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

“1500 करोड़ रुपए का स्पेशल पैकेज तो दूर, राज्य को आपदा राहत के नाम पर 15 पैसे भी नहीं मिले हैं।” — जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री, हिमाचल प्रदेश

नेगी ने याद दिलाया कि 2023 में राज्य ने सदी की सबसे भीषण आपदा झेली, जिसमें 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा, “केंद्र की टीमों ने खुद आकर 9300 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया था, लेकिन इसके बावजूद पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA) के तहत केवल 2500 करोड़ की सहायता मंजूर की गई और वह भी पूरी तरह जारी नहीं हुई।”

मंत्री ने इस मुद्दे को संघीय ढांचे से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि जब उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों को समय पर राहत मिल सकती है तो हिमाचल के साथ भेदभाव क्यों हो रहा है।

BJP का पलटवार: आपदा फंड से सैलरी दे रही सरकार

वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने जोरदार हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने राज्य सरकार पर केंद्रीय बजट के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र से जो भी पैसा भेजा जा रहा है, उसे प्रदेश सरकार निर्धारित मदों पर खर्च नहीं कर रही है।

राणा ने दावा किया, “केंद्र सरकार को जानकारी है कि राज्य सरकार आपदा और सड़कों की मरम्मत के लिए मिले केंद्रीय बजट से कर्मचारियों की सैलरी दे रही है।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में संलिप्त अधिकारी गंभीर मुसीबत में पड़ेंगे।

राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र ने हाल ही में 600 करोड़ रुपये जारी किए हैं, लेकिन प्रदेश सरकार आभार जताने के बजाय निराधार आरोप लगा रही है। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण का इंतजार लंबा होता जा रहा है।