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गूगल जेमिनी AI अब बनेगा आपका असली असिस्टेंट, जानें कैसे स्क्रीन ऑटोमेशन फीचर से करेगा कैब बुकिंग और खाना ऑर्डर, क्या हैं इसके प्राइवेसी रिस्क?

Written by:Ankita Chourdia
Published:
गूगल अपने AI असिस्टेंट जेमिनी को एक नए 'स्क्रीन ऑटोमेशन' फीचर के साथ और भी शक्तिशाली बना रहा है। यह फीचर यूजर के आदेश पर कैब बुक करने और खाना ऑर्डर करने जैसे काम खुद कर सकेगा, हालांकि इसके साथ प्राइवेसी और गलतियों से जुड़े कुछ जोखिम भी हैं जिनका ध्यान रखना जरूरी है।
गूगल जेमिनी AI अब बनेगा आपका असली असिस्टेंट, जानें कैसे स्क्रीन ऑटोमेशन फीचर से करेगा कैब बुकिंग और खाना ऑर्डर, क्या हैं इसके प्राइवेसी रिस्क?

गूगल अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट जेमिनी को अब पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और पावरफुल बनाने की तैयारी में है। अब यह सिर्फ सवालों के जवाब देने या तस्वीरें बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपके पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करेगा। एक नए फीचर के जरिए जेमिनी आपके कहने पर कैब बुक करने से लेकर आपका पसंदीदा खाना ऑर्डर करने जैसे रोजमर्रा के काम भी खुद ही कर देगा।

इस नई क्षमता को स्क्रीन ऑटोमेशन (Screen Automation) कहा जा रहा है, जो यूजर की तरफ से स्मार्टफोन में मौजूद अन्य ऐप्स के साथ सीधे इंटरैक्ट कर पाएगा। इससे यूजर्स का काफी समय बचेगा और कई काम बेहद आसान हो जाएंगे।

कैसे काम करेगा यह नया फीचर?

इस एडवांस फीचर का पता गूगल ऐप के 17.4 बीटा वर्जन में चला है, जिसे कंपनी ने आंतरिक रूप से “bonobo” कोडनेम दिया है। यह फीचर यूजर द्वारा दी गई कमांड को समझकर संबंधित ऐप को खोलेगा और जरूरी स्टेप्स खुद ही पूरे करेगा।

उदाहरण के लिए, अगर आपको कहीं जाने के लिए कैब बुक करनी है, तो आपको सिर्फ जेमिनी को यह बताना होगा। इसके बाद जेमिनी खुद ही कैब सर्विस का ऐप खोलकर, लोकेशन डालकर राइड बुक कर देगा। इसी तरह, यह फूड डिलीवरी ऐप पर जाकर आपके लिए खाना भी ऑर्डर कर सकता है। इससे ऐप खोलने और मेनू में स्क्रॉल करने का झंझट खत्म हो जाएगा।

प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर गूगल की चेतावनी

यह फीचर जितना सुविधाजनक है, उतने ही इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। गूगल ने खुद इस बात को लेकर आगाह किया है कि ऑटोमेशन प्रक्रिया में गलतियां हो सकती हैं।

यूजर के हाथ में रहेगा पूरा कंट्रोल: गूगल ने यह साफ किया है कि यूजर का इस प्रक्रिया पर पूरा नियंत्रण होगा। अगर यूजर को लगता है कि जेमिनी कोई गलत स्टेप ले रहा है या कुछ गड़बड़ कर रहा है, तो वे तुरंत उसे रोककर कंट्रोल अपने हाथ में ले सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्राइवेसी को लेकर एक बड़ी चिंता यह है कि जब जेमिनी ऐप्स के साथ इंटरैक्ट करेगा, तो सर्विस को बेहतर बनाने के लिए स्क्रीन की गतिविधियों (स्क्रीनशॉट) को ह्यूमन रिव्यूअर्स के पास भेजा जा सकता है। हालांकि, गूगल का कहना है कि ऐसा तभी होगा जब यूजर ने ‘कीप एक्टिविटी’ (Keep Activity) का विकल्प ऑन रखा हो।

कंपनी ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे जेमिनी चैट में अपनी लॉग-इन डिटेल्स, पासवर्ड या पेमेंट से जुड़ी जानकारी दर्ज न करें। साथ ही, संवेदनशील और आपातकालीन जानकारी के लिए इस स्क्रीन ऑटोमेशन फीचर का इस्तेमाल करने से बचने को कहा गया है।