नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026–27 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस साल कुल 933 पदों पर भर्ती की जाएगी, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में कम है। कम होती रिक्तियों के साथ प्रतियोगिता और भी कड़ी हो गई है, और आयोग ने इस बार पात्रता और सेवा आवंटन को लेकर कई महत्वपूर्ण और कड़े नियम भी लागू किए हैं।
इच्छुक उम्मीदवार UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर 24 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई डिजिटल बदलाव भी किए गए हैं।
IAS और IFS अधिकारियों के दोबारा परीक्षा देने पर रोक
इस बार जारी किए गए नए नियमों के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) या भारतीय विदेश सेवा (IFS) में कार्यरत हैं, वे सिविल सेवा परीक्षा 2026 में शामिल नहीं हो सकेंगे। यह नियम सख्ती से लागू किया जाएगा।
अधिसूचना में कहा गया है कि यदि किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स परीक्षा के बाद लेकिन मेन्स से पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, यदि नियुक्ति मेन्स के बाद और अंतिम परिणाम से पहले होती है, तो उस उम्मीदवार के नाम पर CSE 2026 के तहत किसी भी सेवा के लिए विचार नहीं किया जाएगा।
IPS सेवा के लिए भी नियम हुए सख्त
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को लेकर भी स्थिति साफ कर दी गई है। जो उम्मीदवार पहले से ही IPS के तौर पर चयनित या नियुक्त हैं, वे CSE 2026 के माध्यम से दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन पाएंगे। यह कदम सेवाओं में स्थिरता लाने और बार-बार एक ही सेवा चुनने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए उठाया गया है।
हालांकि, CSE 2025 या उससे पहले चयनित उम्मीदवारों को एक आखिरी मौका दिया गया है। वे 2026 या 2027 में अपने बचे हुए प्रयासों का इस्तेमाल बिना इस्तीफा दिए कर सकते हैं। लेकिन CSE 2026 के जरिए ग्रुप-A सेवा पाने वाले उम्मीदवार CSE 2027 में तभी बैठ सकेंगे, जब वे संबंधित विभाग से ‘ट्रेनिंग जॉइन न करने की एकमुश्त छूट’ प्राप्त करेंगे। CSE 2028 से परीक्षा देने के लिए आवंटित सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।
डिजिटल सुरक्षा और योग्यता
परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए आयोग ने इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेस रिकॉग्निशन और आधार लिंक्ड वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है। पुराने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) सिस्टम की जगह अब एक नया चार-स्तरीय डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया है, जहां आधार सत्यापन के बाद ही आवेदन पूरा हो सकेगा।
योग्यता मानदंडों को भी स्पष्ट किया गया है:
- IAS: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री।
- IFS: पशुपालन, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, भूविज्ञान, गणित, भौतिकी, सांख्यिकी, जूलॉजी या कृषि जैसे विषयों में स्नातक की डिग्री अनिवार्य है।
घटती सीटें, बढ़ता दबाव
पिछले एक दशक में UPSC की रिक्तियों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। 2014 में जहां रिकॉर्ड 1,363 पद थे, वहीं 2021 में यह संख्या घटकर 748 पर आ गई थी। 2022 के बाद रिक्तियों की संख्या 1,000 के करीब पहुंची, लेकिन 2026 में यह फिर घटकर 933 रह गई है। सीटों की कमी का सीधा असर कट-ऑफ पर पड़ेगा और हर रैंक पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगी।





