लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जानलेवा साबित हो रहे चाइनीज मांझे पर योगी सरकार ने अब तक का सबसे सख्त फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चाइनीज मांझे से होने वाली किसी भी मौत को अब दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या (मर्डर) की श्रेणी में रखा जाएगा और उसी के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कड़ा फैसला राजधानी लखनऊ के बाजारखाला इलाके में हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद आया है, जिसमें पतंग के मांझे से एक युवक की गर्दन कटने से मौत हो गई थी। इस घटना ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया।
प्रदेशभर में छापेमारी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस को पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाने का आदेश दिया है। उन्होंने सवाल किया कि प्रतिबंध के बावजूद यह खतरनाक मांझा बाजारों में कैसे पहुंच रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसकी पूरी सप्लाई चेन को खत्म किया जाएगा — इसके निर्माण से लेकर बिक्री और उपयोग तक, हर स्तर पर कार्रवाई होगी।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि किसी भी जिले में ढिलाई न बरती जाए। इस मामले पर की जा रही कार्रवाई की उच्चस्तरीय समीक्षा भी की जाएगी।
हाईकोर्ट भी जता चुका है नाराजगी
यह पहली बार नहीं है जब चाइनीज मांझे पर सख्ती की बात हुई है। इसी महीने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार को अपने पुराने आदेशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने साफ कहा था कि पतंगबाजी के मौसम में मानव जीवन और पक्षियों के लिए खतरनाक इस मांझे का निर्माण, बिक्री और उपयोग किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए।
हाल के दिनों में चाइनीज मांझे से जुड़ी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें हाईटेंशन लाइन पर इसके गिरने से मेट्रो सेवाओं में बाधा जैसी समस्याएं भी शामिल हैं। हालांकि, लखनऊ की घटना ने सरकार को एक निर्णायक और कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। अब पूरे प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाकर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।





