कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारियों और पीएफ खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। मार्च में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक होना है, जिसमें ईपीएफओ प्रोविडेंट फंड ब्याज दर तय होना है। संभावना जताई जा रही है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर में कटौती की जा सकती है। हालांकि अभी अधिकारिक तौर पर पुष्टि होना बाकी है।
EPFO: PF की ब्याज दरों में होगी कटौती? इन विकल्पों पर हो रहा विचार
- वर्तमान में EPF पर 8.25% ब्याज मिलता है। संभावना जताई जा रही है कि सीबीटी की बैठक में ब्याज दर को 8% से 8.20% तक किया जा सकता है।
- खबर है कि वित्त, निवेश और लेखा परीक्षा समिति (FIAC) फरवरी के आखिरी हफ्ते में इस वित्तीय वर्ष के लिए EPFO निवेश पर ब्याज दर तय करने के लिए बैठक करेगी। इसके बाद सिफारिश को मार्च महीने में होने वाली सीबीटी की बैठक में रखा जाएगा और अंतिम फैसला लिया जाएगा।
- अगर ये प्रस्ताव पास होता है तो पीएफ खाताधारकों की बचत पर असर देखने को मिलेगा। माना तो यह भी जा रहा है कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले आगामी चुनावों को देखते हुए दरों को स्थिर रखा जा सकता है। हालांकि यह सब अनुमान हैं, अंतिम फैसला वित्त और श्रम और रोज़गार मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही माना जाएगा। फिलहाल सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
- बता दें कि सीबीटी की मंजूरी मिलने के बाद, ब्याज दर को वित्त मंत्रालय द्वारा मंजूर किया जाता है। इसके बाद श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा आधिकारिक तौर पर अधिसूचित करता है। इसके बाद पीएफ के ब्याज का पैसा खातों में भेजा जाता है।
EPFO : कब कितनी रही है ब्याज दर
- वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO ) द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ब्याज दर 8.25 फीसदी तय की थी। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत निर्धारित की गई थी, जो 2022-23 में 8.15 प्रतिशत से अधिक है।
- इससे पहले 2021-22 में 8.10% 2020-21 EPF दर 8.5 फीसदी (PF Interest Rate), 2018-19 में 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत थी।
- EPFO ने साल 2023-24 के लिए 1,07,000 करोड़ की इनकम पर 8.25% ब्याज दिया, जो लगभग 13 लाख करोड़ की मूल राशि के आधार पर इसका हाईएस्ट रिटर्न है, जबकि साल 2022-23 में 91,151.66 करोड़ की इनकम पर दिए गए 8.15% से बढ़ोतरी थी।





