रुड़की। मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के आसफनगर झाल में एक साथ 13 गोवंश के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। झाल के पानी में बहकर आए इन शवों को देखकर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद तुरंत पुलिस और हिंदूवादी संगठनों को सूचना दी गई। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने सबसे पहले झाल में बड़ी संख्या में गोवंश के शवों को फंसा हुआ देखा। यह खबर आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया।
हिंदू संगठनों ने जताई साजिश की आशंका
घटनास्थल पर मौजूद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। उनका कहना है कि गोवंशों को जानबूझकर मारकर बहाया गया है और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा नहीं करती है और दोषियों को गिरफ्तार नहीं करती है, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
पुलिस ने जेसीबी की मदद से शवों को बाहर निकाला
मामले की सूचना मिलते ही मंगलौर कोतवाली पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जेसीबी मशीन मंगवाई और झाल में फंसे सभी 13 गोवंश के शवों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और संगठन के लोग भी वहां मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “फिलहाल हमारी प्राथमिकता यह पता लगाना है कि ये गोवंश के शव कहां से और किन परिस्थितियों में बहकर यहां तक पहुंचे हैं। हम हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।”





