फरवरी महीने में ग्रहों का महागोचर होने वाला है। इस महीने में मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र चाल बदलेंगे। इस दौरान देवताओं के गुरु बृहस्पति और दैत्यों के गुरु शुक्र युति कर नवपंचम राजयोग (दृकपंचांग के अनुसार) भी बनाएंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, वर्तमान में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और ऐश्वर्य के कारक कहे जाने वाले शुक्र मकर राशि (शनि की राशि) में विराजमान है।
6 फरवरी 2026 को शुक्र कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इस दौरान भाग्य व ज्ञान के कारक माने जाने वाले गुरु मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा।ज्योतिष के मुताबिक जब दो ग्रह एक-दूसरे से पांचवें और नौवें भाव (त्रिकोण) में स्थित होते हैं तो नवपंचम राजयोग बनता है। इस राजयोग का सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा, लेकिन 3 राशियों के लिए यह बेहद शुभ रहने वाला है। आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में……..
तुला राशि पर प्रभाव
- आर्थिक स्थिति में मजबूती देखने को मिल सकती है।
- भौतक सुख- सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है।
- इस अवधि में आप वाहन या संपत्ति खरीद सकते हैं।
- पैतृक संपत्ति का लाभ मिलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल रह सकती हैं।
- भाग्य और परिवार का साथ मिल सकता है।
- नौकरीपेशा को वेतनवृद्धि के साथ पदोन्नति का अवसर मिल सकता है।
- लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं।
सिंह राशि पर प्रभाव
- नवपंचम राजयोग का जातकों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
- साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
- समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है।
- अटके रुके कामों को गति मिल सकती है।
- करियर में नए अवसर मिल सकते हैं।
- आय में वृद्धि के साथ-साथ नए-नए स्त्रोत खुलने की प्रबल संभावना है।
मिथुन राशि पर प्रभाव:
- बेरोजगार लोगों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं।
- व्यापारियों को नए सौदे के साथ अच्छा धनलाभ हो सकता है।
- इस अवधि में देश-विदेश की यात्रा कर सकते हैं।
- शादीशुदा लोगों का वैवाहिक जीवन शानदार रह सकता है।
- अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।
- छात्रों के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी।
ऐसे बनता है कुंडली में नवपंचम राजयोग
- ज्योतिष के मुताबिक, नवपंचम राजयोग तब बनता है जब दो ग्रह आपस में पंचम (5वां) और नवम (9वां) भाव या राशि में स्थित होते है। पंचम भाव बुद्धि, शिक्षा, रचनात्मकता और संतान से जुड़ा होता है या जब दो ग्रह एक दूसरे से त्रिकोण भाव में स्थित हो जाते हैं या दोनों ग्रहों के बीच 120 डिग्री का कोण बनता है तथा एक ही तत्व राशि होती है।
- ज्योतिष के मुताबिक, मेष, सिंह व धनु को अग्नि राशि, वृषभ, कन्या तथा मकर को पृथ्वी राशि, मिथुन, तुला और कुंभ को वायु राशि और कर्क, वृश्चिक एवं मीन को जल राशि माना जाता है, ऐसे में जब एक ही तत्व वाली दो राशियों में 2 ग्रह पहुंचकर 120 डिग्री का कोण बनाते हैं, तो नवपंचम राजयोग बनता है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)





