नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक आंगनबाड़ी सहायिका ने अपनी जान पर खेलकर कई बच्चों को मधुमक्खियों के जानलेवा हमले से बचाया। इस कोशिश में सहायिका कंचन बाई मेघवाल की मौत हो गई। उनके इस साहसिक बलिदान के बाद राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए राहत पैकेज का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतका के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, कंचन बाई के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च भी अब राज्य सरकार वहन करेगी।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
घटना नीमच जिले के रणपुर गांव की है। यहां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे मौजूद थे, तभी अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने हमला कर दिया। अफरा-तफरी के बीच केंद्र में कार्यरत कंचन बाई मेघवाल ने अपनी जान की चिंता किए बिना बच्चों को सुरक्षित एक कमरे में पहुंचाना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने कई बच्चों को अपने शरीर से ढककर बचाया। इसी बचाव अभियान के दौरान मधुमक्खियों ने कंचन बाई को बुरी तरह से डस लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें फौरन इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।
“आंगनबाड़ी में कार्यरत बहन कंचन बाई मेघवाल का असमय निधन अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार परिवार के साथ खड़ी है और मानवीय आधार पर तत्काल मदद के निर्देश दिए गए हैं।”- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
कंचन बाई अपने परिवार की मुख्य कमाने वाली सदस्य थीं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन को तत्काल सहायता राशि जारी करने और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय अधिकारियों को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सुरक्षा समीक्षा के निर्देश भी दिए गए हैं।
नीमच जिले के ग्राम रानपुर में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी में कार्यरत बहन कंचन बाई मेघवाल जी का असमय निधन अत्यंत दुखद व हृदयविदारक है।
प्रदेश सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है। इस घटना में मानवीय आधार पर मैंने कंचन बहन के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 5, 2026





