कानपुर: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर के विकास को एक नई रफ्तार मिलने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ‘कानपुर मास्टर प्लान 2031’ के प्रस्तुतिकरण को देखने के बाद अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस योजना के लागू होने से कानपुर का कायाकल्प होना तय है, जिसके तहत न सिर्फ शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि एक नया एयरपोर्ट बनाने की राह भी खुलेगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष लखनऊ में हुए इस प्रेजेंटेशन में केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल और चीफ टाउन प्लानर मनोज कुमार ने योजना का विस्तृत ब्योरा रखा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह समेत कानपुर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए। सीएम ने प्रेजेंटेशन पर संतोष जताते हुए फाइल को प्रमुख सचिव आवास के पास भेजने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक इस मास्टर प्लान को अंतिम मंजूरी मिल सकती है।
386 गांवों तक फैलेगा केडीए का दायरा
मास्टर प्लान 2031 का सबसे बड़ा प्रभाव कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के अधिकार क्षेत्र के विस्तार के रूप में दिखेगा। इस योजना के तहत कानपुर नगर, उन्नाव और कानपुर देहात के गांवों को शामिल किया गया है, जिससे केडीए का विकास क्षेत्र 386 गांवों तक विस्तृत हो जाएगा। यह विस्तार भविष्य में संगठित और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
योजना को 2031 तक शहर की अनुमानित आबादी 55 लाख तक पहुंचने के आकलन के आधार पर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती आबादी के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है।
नई टाउनशिप में बसेगी 4.5 लाख की आबादी
मास्टर प्लान में न्यू कानपुर सिटी के साथ-साथ चकेरी और बिनगवां जैसे इलाकों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन क्षेत्रों में नई टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव है, जहां करीब 4.5 लाख लोगों को बसाने की योजना है। इसके लिए सबसे बड़ी चुनौती इन इलाकों की जमीन का भू-उपयोग (Land Use) है, जो अभी कृषि के लिए दर्ज है।
मास्टर प्लान के नए ड्राफ्ट में इस समस्या का समाधान करते हुए इन जमीनों का लैंड यूज बदलने का प्रस्ताव किया गया है। इस बदलाव के बाद यहां आवासीय परियोजनाओं को जमीन पर उतारना संभव हो सकेगा। इसके अलावा, माती इलाके का भी लैंड यूज बदलने का प्रस्ताव है।
चार नई आवासीय योजनाओं का रास्ता साफ
नए मास्टर प्लान के तहत चार प्रमुख आवासीय परियोजनाएं लॉन्च की जाएंगी। ये योजनाएं कुलगांव, रूमा, चकेरी और न्यू कानपुर सिटी के लिए प्रस्तावित गांवों में विकसित होंगी। एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, न्यू कानपुर सिटी से ‘सेंट्रल एक्टिविटी’ का लैंड यूज खत्म कर दिया गया है। पिछले मास्टर प्लान में यहां की जमीन कमर्शियल और सेंट्रल एक्टिविटी के लिए आरक्षित थी, जिससे आवासीय विकास में बाधा आ रही थी। अब इस बाधा को दूर कर दिया गया है, जिससे इन इलाकों में बड़े पैमाने पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का रास्ता खुल गया है।





