मध्यप्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी में प्रतिदिन लगभग लगभग 98 मिलियन लीटर अनुपचारित सीवेज का पानी मिल रहा है। इस मामले पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले पर अब कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे भाजपा सरकार की घोर लापरवाही करार दिया है। उन्होंने इसे पर्यावरणीय अपराध और जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ बताते हुए कहा कि बीजेपी को न पर्यावरण की चिंता है न जन स्वास्थ्य की परवाह। उन्होंने सरकार से नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाने की मांग की है।
नर्मदा नदी में मिल रहा सीवेज का पानी
जबलपुर हाईकोर्ट ने बुधवार को मध्यप्रदेश सरकार और संबंधित विभागों को नर्मदा नदी में प्रतिदिन लगभग 98 मिलियन लीटर अनुपचारित सीवेज छोड़े जाने के मामले में नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इस मामले पर पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। याचिका में बताया गया कि नर्मदा नदी में फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है। इससे लोगों में हैजा, डायरिया जैसी जलजनित बीमारियां फैल रही हैं। बता दें कि मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी को बेहद पवित्र माना जाता है और लाखों लोग इसके पानी का इस्तेमाल करते हैं।
उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाए आरोप
इस मामले पर उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार की घोर लापरवाही अब न्यायालय के संज्ञान में है।” नेता प्रतिपक्ष ने इसे पर्यावरणीय अपराध और जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करार देते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी को न पर्यावरण की चिंता है, न जन स्वास्थ्य की परवाह। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” सिर्फ नारा बनकर रह गया है। कांग्रेस नेता ने सरकार से नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाने की मांग की है।





