हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) ने खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी और नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि को औसतन दो से ढाई गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह फैसला 11 और 12 सितंबर को आयोजित स्पोर्ट्स एंड को-करिकुलर एक्टिविटी काउंसिल की कार्यकारिणी बैठक में लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
बैठक में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए खेलकूद प्रतियोगिताओं और युवा महोत्सव सहित इंटर यूनिवर्सिटी और ऑल इंडिया स्तर तक खिलाड़ियों को पहुंचाने के लिए जरूरी तैयारियों पर चर्चा हुई। इसके लिए मांगे गए 2.58 करोड़ रुपये में से 1.33 करोड़ रुपये के बजट को व्यय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही, खिलाड़ियों के लिए 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, 2.68 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को भी पारित किया गया।
खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी
स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चौहान और सचिव प्रो. संजय शर्मा ने जानकारी दी कि खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि इस बार काफी बढ़ाई गई है। उदाहरण के तौर पर, ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के एकल इवेंट में प्रथम स्थान पर आने वाले खिलाड़ी को अब 20 हजार के बजाय 40 हजार रुपये मिलेंगे। इसी तरह, टीम इवेंट में प्रथम स्थान की राशि 8 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी में भी एकल और टीम इवेंट्स दोनों में राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
बैठक में खिलाड़ियों की अन्य जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया। यूथ वेलफेयर एक्टिविटी पर 15 लाख रुपये और मेडिकल असिस्टेंस के लिए 2 लाख रुपये रखने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। साथ ही, कॉलेजों से ली जाने वाली एंट्री फीस को 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये करने और खेल फीस को 15 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये करने का निर्णय भी लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इससे खिलाड़ियों को और अधिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन राशि में इस तरह की बढ़ोतरी लंबे समय से लंबित थी। अब यह निर्णय खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर पहचान दिलाने में मदद करेगा। खेल परिषद का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को सही समर्थन और संसाधन मिलते हैं, तो वे राज्य और विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर सकते हैं।





