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कालका-शिमला हाईवे पर सनवारा टोल वसूली बंद, हाईकोर्ट के आदेश से यात्रियों को राहत

Written by:Neha Sharma
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कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर सनवारा टोल प्लाजा पर अब वाहन चालकों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। शनिवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद टोल के बैरियर हटा दिए गए और वसूली पूरी तरह बंद कर दी गई।
कालका-शिमला हाईवे पर सनवारा टोल वसूली बंद, हाईकोर्ट के आदेश से यात्रियों को राहत

कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर सनवारा टोल प्लाजा पर अब वाहन चालकों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। शनिवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद टोल के बैरियर हटा दिए गए और वसूली पूरी तरह बंद कर दी गई। इसके साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। अब तक यहां से गुजरने पर हर वाहन को टोल चुकाना पड़ता था, लेकिन सड़क की खराब हालत को देखते हुए अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए वसूली पर रोक लगा दी।

गौर करने वाली बात है कि इस हाईवे पर 2021 से टोल वसूली की जा रही थी, जिससे सफर महंगा हो गया था। लोगों को शुल्क चुकाने के बावजूद बेहतर फोरलेन की सुविधा नहीं मिल रही थी। परवाणू से सोलन तक बने पहले चरण के फोरलेन की हालत बेहद खराब है। चक्कीमोड़ क्षेत्र में सड़क पिछले दो सालों से ठीक नहीं हो पाई है। वहीं, बरसात के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। पहाड़ियां दरकने से वाहनों की आवाजाही जोखिम में पड़ जाती है और यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।

कालका-शिमला हाईवे पर सनवारा टोल वसूली बंद

रोजाना इस हाईवे से 12 से 15 हजार वाहन गुजरते हैं और लाखों रुपये टोल के रूप में एकत्र होते हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी मामले पर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 30 अक्तूबर तक टोल वसूली बंद करने का आदेश दिया। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सड़क की हालत सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं। कोर्ट का यह फैसला सड़क उपयोगकर्ताओं के लंबे समय से उठाए जा रहे सवालों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब टोल वसूली पर रोक लगी हो। साल 2023 की बरसात के दौरान भी सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और चक्कीमोड़ का हिस्सा पूरी तरह ढह गया था। उस समय उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने टोल वसूली रोकने का आदेश दिया था। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी उस समय मांग उठाई थी कि जब सड़क की स्थिति खराब है तो यात्रियों से टोल लेना अनुचित है। अब एक बार फिर अदालत के हस्तक्षेप से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है और लोगों को उम्मीद है कि अब सड़क की गुणवत्ता पर भी गंभीरता से काम होगा।