लाहौल स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर एंट्री टैक्स बढ़ाने को लेकर निशाना साधा है। दरअसल उनका कहना है कि इस फैसले से पर्यटन कारोबार पर असर पड़ रहा है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान जनजातीय इलाकों, खासकर लाहौल स्पीति को हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है।

वहीं रवि ठाकुर ने यह बात तोद घाटी के कोलंग गांव में आयोजित एक तीरंदाजी प्रतियोगिता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में एंट्री टैक्स बढ़ाया है, जिससे प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि पर्यटन से जुड़े टैक्सी चालक, होटल और गेस्ट हाउस संचालक, दुकानदार और स्थानीय गाइड जैसे लोगों की रोजी-रोटी इसी पर निर्भर करती है। ऐसे में टैक्स बढ़ने से उनके काम पर सीधा असर पड़ेगा।

पूर्व विधायक ने लगाए ये आरोप

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार लाहौल स्पीति जैसे जनजातीय जिलों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बर्फीले पहाड़ों और शांत घाटियों के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है। हर साल यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी सुविधाओं और ढांचे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस क्षेत्र में पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाए और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करे, तो इससे पूरे इलाके के विकास को गति मिल सकती है।

इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे रवि ठाकुर

यह कार्यक्रम तोद घाटी के कोलंग गांव में पूर्व विधायक स्वर्गीय लता ठाकुर की स्मृति में आयोजित ‘लता ठाकुर मेमोरियल तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026’ के मौके पर हुआ। इस प्रतियोगिता का आयोजन राइजिंग यूथ वेलफेयर क्लब कोलंग ने किया था। रवि ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि इसमें भाग लिया और आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देते हैं और उन्हें खेलों की ओर प्रोत्साहित करते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

प्रतियोगिता के आयोजन के लिए रवि ठाकुर ने आयोजकों की सराहना की और अपनी ओर से 40 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी। इस मौके पर भाजपा के जिला प्रवक्ता सैम बोध, बीडीसी सदस्य सोनम और इको टूरिज्म के अध्यक्ष कलजंग सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

रवि ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार को कोई भी फैसला लेने से पहले उसके असर के बारे में सोच लेना चाहिए। खासकर जनजातीय इलाकों की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। उनका कहना है कि प्रदेश के विकास के लिए ऐसे फैसले होने चाहिए जो जनता के हित में हों।