प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 9 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और पंजाब का दौरा करेंगे, जहां वे भारी बारिश और बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लेंगे। अपने दौरे की शुरुआत वे दोपहर करीब 1:30 बजे कांगड़ा से करेंगे। यहां वे बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और धर्मशाला में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र टीमों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। प्रधानमंत्री इस दौरान बाढ़ पीड़ित परिवारों से भी मिलेंगे। इसके बाद वे पंजाब का रुख करेंगे, जहां लगभग 3 बजे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण और शाम 4:15 बजे गुरदासपुर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे। इस दौरान राज्य में हुई क्षति और पुनर्वास कार्यों पर चर्चा होगी। हिमाचल में इस मानसून सीजन में अब तक 370 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 205 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, बादल फटना और करंट लगने जैसी घटनाओं से हुई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) के अनुसार, अब तक 434 लोग घायल और 41 लापता हैं। सोमवार शाम तक 744 सड़कें अवरुद्ध थीं, जिनमें एनएच-03, एनएच-70 और एनएच-305 शामिल हैं। कुल्लू जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 223 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा, 959 ट्रांसफार्मर और 472 जल योजनाएं बाधित हुई हैं।
तबाही का रिकॉर्ड टूटा
दूसरी ओर, पंजाब में बाढ़ ने 1988 की तबाही का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राज्य के सूचना और जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। सभी जिलों को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है और बचाव कार्य जारी हैं। सतलुज समेत कई नदियों में आई बाढ़ और लगातार बारिश के कारण राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अधिकारियों ने इसे दशकों की सबसे भयावह बाढ़ बताया है, जिसने हजारों परिवारों और कृषि भूमि को प्रभावित किया है।
दोनों राज्यों की सरकारों ने प्रधानमंत्री से विशेष राहत पैकेज की मांग की है। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य को भारी नुकसान हुआ है और केंद्र सरकार से मदद की उम्मीद है। वहीं पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री कम से कम 25,000 करोड़ रुपये का मुआवजा तुरंत घोषित करेंगे और 60,000 करोड़ रुपये के लंबित बकाये को मंजूरी देंगे। इस बीच, पंजाब कैबिनेट ने फसल नुकसान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपये मुआवजा देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री के दौरे से दोनों राज्यों में राहत पैकेज को लेकर बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।





