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Thanksgiving Day 2022 : शुक्रिया कहने का दिन, जानिये क्यों मनाते हैं थैंक्सगिविंग डे

Written by:Shruty Kushwaha
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Thanksgiving Day 2022 : आज थैंक्सगिविंग डे है। हर साल नवंबर को चौथे गुरुवार को ये त्योहार अमेरिका में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। ये उत्तरी अमेरिका का एक पारंपरिक पर्व है जो एक तरह का फसल पर्व भी है और धीरे धीरे इसका प्रचलन कई देशों में हो गया अमेरिका में आज के दिन क्रिसमस जैसा उल्लास होता है। आज के दिन लोग एक दूसरे का शुक्रिया अदा करते हैं और आने वाले साल के लिए दुआ मांगते हैं।

 शुक्रिया कहने का दिन

आज लोग अपने परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों, करीबियों के साथ उन अनजान लोगों का भी आभार जताते हैं, जिन्होने उनके जीवन में कभी उनकी मदद की, प्यार दिया या फिर किसी भी मुश्किल में साथ दिया है। इस दिन खास भोजन बनाया जाता है जिसमें टर्की जरुर शामिल होता है। लोग अपने परिवार के साथ मिलकर खाना खाते हैं, पार्टी करते हैं, केक काटते हैं और एक दूसरे को चॉकलेट या गिफ्ट भी देते हैं। ये दरअसल उन खास लोगों को शुक्रिया कहने का दिन है, जिनके कारण जीवन सुंदर बना हुआ है। फिर वो कोई भी हो सकता है..जन्म देने वाली मां, जीवनसाथी या कोई अनजान जिसने कभी आपको लिफ्ट दी हो किसी भी जरुरत में सहायता की हो।

इस दिन के इतिहास को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित है। माना जाता है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति फ्रेंकलिन डी रूसवेल्‍ट ने 1939 में इसे मनाने की शुरआत की थी। की गई थी। 1789 में जॉर्ज वाशिंगटन इस दिन को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की घोषणा की और तभी से पर्व के रूप में ‘थैंक्‍स गिविंग डे’ मनाया जाता है। इस दिन वहां छुट्टी होती है और लोग खूब धूम धड़ाका करते हैं। भले ही ये एक विदेशी त्योहार हो, लेकिन इसका मर्म बहुत गहरा है। किसी को शुक्रिया कहना, उसके प्रति आभार से भरा होना और उसे व्यक्ति करना एक खूबसूरत अहसास है। हम अक्सर जीवन की भागमभाग में शुक्रिया कहना भूल जाते हैं, तो क्यों न आज के दिन या फिर किसी भी दिन ये नेक काम करें। वो जो हमारे जीवन में महत्वपूर्ण हैं और जिन्होने हमारी मदद की है उन्हें एक प्यार भरा शुक्रिया कहकर हम उनके चेहरे पर एक मुस्कान ला सकते हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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